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Diwali 2019: दिवाली पर जलाएं ग्रीन पटाखे, खुशबूदार हो जाएगा आपका त्योहार

Sat, 26 Oct 2019 11:57 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: नवनीत राठौर Updated Sat, 26 Oct 2019 11:57 PM IST
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Diwali 2019 know about green crackers and this crackers curb pollution
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

दिवाली के उत्सव को मनाते हुए लोग पटाखे छोड़ते हैं। इन पटाखों को छोड़ने पर वायु प्रदुषण बढ़ जाता है, जिससे हर साल दिवाली के समय इसपर चर्चा शुरू हो जाती है। प्रदूषण की समस्या से तो वैसे पूरा देश परेशान है लेकिन देश की राजधानी दिल्ली इससे कुछ ज्यादा ही प्रभावित है। अगर आपको दिवाली पर पटाखे छोड़ने का मन है लेकिन आप इनसे होने वाले प्रदूषण को लेकर चिंतित हैं तो आप ग्रीन पटाखों को छोड़ सकते हैं। आइए जानते हैं ग्रीन पटाखों के बारे में विस्तार से...

Diwali 2019 know about green crackers and this crackers curb pollution
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

क्या होते हैं ग्रीन पटाखे?
ग्रीन पटाखे एकदम सामान्य पटाखों की तरह होते हैं। इन पटाखों को जलाने पर आवाज भी सामान्य पटाखों की तरह निकलती है। दरअसल, सामान्य पटाखों को जलाने पर नाइट्रोजन और सल्फर गैस भारी मात्रा में निकलते हैं जो कि हमारे वायुमण्डल के लिए बहुत हानिकारक हैं। वहीं ग्रीन पटाखों को जलाने पर इन हानिकारक गैसों में 40 से 50 फीसदी तक कमी हो जाती है।

Diwali 2019 know about green crackers and this crackers curb pollution
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

ग्रीन पटाखों के प्रकार

खुशबूदार पटाखे- इन पटाखों को जलाने पर बेहतरीन खुशबू निकलती है और हानिकारक गैस भी कम निकलती है।

पानी पैदा करने वाले पटाखे- प्रदूषण को कम करने के लिए पानी का इस्तेमाल किया जाता है। जब किसी इलाके में प्रदूषण की मात्रा बढ़ जाती है तो पानी का छिड़काव कर उसे कम किया जाता है। कुछ इसी तरह के यह पटाखे हैं। इन पटाखों के जलने के बाद पानी बनता है जिसमें हानिकारक गैस घुल जाती है।

एल्यूमीनियम का कम इस्तेमाल- अन्य पटाखों की तुलना में इन पटाखों में 50 से 60 फीसदी तक कम एल्यूमीनियम का इस्तेमाल होता है।

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Diwali 2019 know about green crackers and this crackers curb pollution
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

कैसे पता लगेगा इन ग्रीन पटाखों के बारे में
ग्रीन पटाखों पर हरे रंग का स्टीकर और बारकोड लगे होते हैं। हरें रंग वाली स्टीकर इस बात की पुष्टि करती है कि ये ग्रीन पटाखे हैं। यदि आप इन पटाखों के निर्माता और इनमें इस्तेमाल हुए केमिकल के बारे में जानना चाहते हैं तो इनके ऊपर लगें बारकोड को स्कैन कर सकते हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

ग्रीन पटाखों के दाम
साधारण तौर पर मिलने वाले पटाखों के मुकाबले ग्रीन पटाखे थोड़े महंगे होते हैं। यूं कहें तो इन पटाखों की कीमत साधारण पटाखों से दोगुनी होती है। भले ही ग्रीन पटाखे महंगे हैं लेकिन ये हमारे स्वास्थ्य से ज्यादा महंगे नहीं हो सकते हैं।

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