अंग्रेजों से लोहा लेने की बात हो, अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े रहने की बात हो या फिर देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने की बात हो। इन सब में एक नाम जो सबसे ऊपर और सबसे पहले हमारे जहन में आता है वो है नेताजी सुभाष चंद्र बोस का। 23 जनवरी 1897 को जन्मे नेताजी ने भारत के लिए जो कुछ भी किया, वो किसी को बताने की जरूरत नहीं है, बल्कि ये सब सुनहरे अक्षरों में इतिहास में दर्ज है। लेकिन आज भी जो बात धुंधली नजर आती है वो है नेताजी की मौत का रहस्य। लोग ये नहीं जान पाते कि आखिर सुभाष चंद्र बोस की हत्या हुई या फिर मौत? और अगर ये सब हुआ तो कैसे हुआ। तो चलिए इस बारे में जानने की कोशिश करते हैं।
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नेता जी सुभाष चंद्र बोस जयंती 2021
- फोटो : Twitter/Clio's Chronicles
दरअसल, पिछले साल 2020 को सुभाष चंद्र बोस की रहस्यमयी मौत को लेकर स्थिति साफ होती नजर आई, क्योंकि सायक सेन नाम के एक व्यक्ति ने नेताजी की मौत को लेकर आरीटीआई दायर की और इसके जरिए उन्होंने उनकी मौत के बारे में जानने की कोशिश की। सायक की इस आरटीआई पर गृह मंत्रालय ने अपना जवाब भी दिया था, जिसमें बताया गया था कि उनकी मौत एक विमान हादसे में हुई थी। अपने जवाब में गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया था कि, एक विमान हादसे में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत 18 अगस्त 1945 को हुई थी।
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नेता जी सुभाष चंद्र बोस जयंती 2021
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आरटीआई के जवाब में सुभाष चंद्र की मौत से जुड़ी 37 फाइलें जारी की गई थी। इसके अलावा इसमें जस्टिस जी. डी. खोसला कमीशन, शहनवाज कमेटी और जस्टिस मुखर्जी कमीशन की रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया था। वहीं, सरकार की तरफ से मिले इस जवाब के बाद नेताजी का परिवार काफी नाराज हुआ था। सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि, 'केंद्र सरकार इस तरह कैसे जवाब दे सकती है, जबकि मामला अब तक सुलझा नहीं है।'
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नेता जी सुभाष चंद्र बोस जयंती 2021
- फोटो : Twitter/Adv.Vivekanand Gupta
तथ्य बताते हैं कि सुभाष चंद्र बोस 18 अगस्त 1945 को हवाई जहाज में सवार होकर मंचुरिया जा रहे थे, लेकिन इसके बाद वो अचानक कहीं लापता हो गए। इसके बाद उनके इस तरह अचानक लापता हो जाने को लेकर कई तरह के कयास लगने लगे थे। हालांकि, उसी साल 23 अगस्त को जापान की एक संस्था ने ये खबर जारी की थी कि सुभाष चंद्र बोस का विमान ताइवान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और इसी वजह से उनकी मौत हो गई। इस बात को सब मान ही गए थे, लेकिन इसके बाद जापान सरकार ने इस हवाई जहाज दुर्घटना की बात को गलत बताया था।
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- फोटो : Twitter/Adv.Vivekanand Gupta
संस्था की तरफ से जारी किए गए बयान के बाद जापान की सरकार ने इस बात की पुष्टि की थी कि ताइवान में 18 अगस्त 1945 को कोई विमान हादसा हुआ ही नहीं था। इसके बाद से उनकी मौत का रहस्य और उलझता चला गया, जो आज तक जारी है। किसी ने कभी ये नहीं सोचा था कि उनके नेताजी की मौत इतने रहस्यमय तरीके से होगी। लेकिन सुभाष चंद्र बोस जितना भी जिए, वो सिर्फ और सिर्फ देश के लिए जिए। उन्होंने देश को आजाद कराने के लिए हर एक जरूरी कदम उठाया।