ब्रिटिश शोधकर्ताओं ने अपनी हालिया रिसर्च में दावा किया है कि लॉकडाउन में लोगों की धूम्रपान की आदत और ज्यादा बढ़ सकती है। नए लोगों को भी इसकी बुरी लत लग सकती है और जो पहले से ही धूम्रपान के आदी हैं, उनमें ये आदत गहरी हो सकती है। यानी उनके सिगरेट पीने की संख्या पहले की अपेक्षा ज्यादा हो सकती है। अकेलेपन से जूझ रहे लोगों में ऐसा हो सकता है। शोधकर्ताओं ने चेताया है कि स्मोकिंग की ये लत इस कदर भी हो सकती है कि उनके लिए इसे छोड़ना मुश्किल हो जाएगा।
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लॉकडाउन के अकेलेपन में बढ़ सकती है धूम्रपान की आदत, निजात पाने में होगी मुश्किल
Fri, 19 Jun 2020 01:58 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Fri, 19 Jun 2020 01:58 PM IST
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धूम्रपान छोड़ें, जिंदगी चुनें
- फोटो : Social Media
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने लॉकडाउन के बीच अकेलापन और स्मोकिंग यानी धूम्रपान के कनेक्शन पर रिसर्च की। उन्होंने पाया कि लॉकडाउन में अकेले रह रहे लोगों को स्मोकिंग की लत लग सकती है। जो लोग पहले से स्मोकिंग कर रहे हैं, उनकी ये लत और ज्यादा गहरी हो सकती हे। इस दौरान जिनमें स्मोकिंग की ये लत बढ़ेगी, उनके लिए इसे छोड़ना बहुत मुश्किल होगा।
धूम्रपान छोड़ें, जिंदगी चुनें
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इस वजह से करते हैं धूम्रपान
- शोधकर्ताओं के मुताबिक, एक हजार में से 10 फीसदी यानी 100 लोगों ने माना कि अकेलापन स्मोकिंग की एक बड़ी वजह है। रिसर्च में सामने आया कि सिगरेट लोगों का अकेलापन और ज्यादा बढ़ाती है। कारण कि सिगरेट में मौजूद निकोटिन के कारण व्यक्ति के दिमाग से डोपामाइन हार्मोन रिलीज होता है। यह उन्हें अच्छा महसूस कराता है। इसलिए लोग ऐसा करते हैं।
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चिंता बढ़ाते हैं आंकड़े
- ब्रिटिश सरकार के कोरोना ट्रैकर के मुताबिक, आंकड़े बताते हैं कि ब्रिटेन में 22 लाख लोग पहले की अपेक्षा ज्यादा स्मोकिंग करने लगे हैं। इस रिसर्च के शोधकर्ता डॉ. रॉबिन वुटेन के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान अचानक लोगों के बीच मिलना-जुलना खत्म हुआ है और ऐसे में लोग अकेलापन महसूस करने लगे।
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लोगों का मानना- मूड बनाने को करते हैं स्मोकिंग
- शोधकर्ताओं के मुताबिक, कुछ लोगों में खानपान, नींइ और स्मोकिंग का असर अनुवांशिक तौर पर बदलता है। बुरी लत के पीछे यह भी एक कारण है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, धूम्रपान करने वाले इसे मूड ठीक करने का तरीका समझ लेते हैं। यही आदत उन्हें इसकी ऐसी लत लगा देती है कि उनके लिए सिगरेट छोड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है।