नीतिनिर्माताओं का कहना है कि वो कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी तरह के दिशा-निर्देश के लिए विज्ञान के नियमों का पालन कर रहे हैं। तो क्या लॉकडाउन में ढील देने को लेकर भी ऐसा किया जा रहा है? ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इंग्लैंड में लॉकडाउन में छूट देने को लेकर एक योजना का जिक्र किया है, जिसके काफी कुछ समझने को मिल सकता है।
लॉकडाउन में ढील और विज्ञान का कनेक्शन, कैसे बचा जाए संक्रमण से?
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नई योजना के तहत छोटे बच्चे जून की शुरुआत से स्कूल जाना शुरू करेंगे। पहली कक्षा से लेकर छठी कक्षा तक के बच्चे सबसे पहले स्कूल जाना शुरू करेंगे। लेकिन सवाल उठता है कि छोटे बच्चों को ही क्यों चुना गया सबसे पहले स्कूल जाने के लिए? इसे लेकर जो तर्क दिए गए हैं वो इस तरह से हैं-
- संक्रमित होने के बाद भी छोटे बच्चे के गंभीर रूप से बीमार होने की संभावना कम रहती है।
- स्कूल के बाहर भी बड़े बच्चों के काफी संपर्क रहते हैं। इसलिए उनके संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
- बड़े बच्चे घर में बैठकर भी पढ़ाई कर सकते हैं.
छोटे बच्चों में फ्लू होने की संभावना ज्यादा मानी जाती है, लेकिन कोविड-19 के मामले में उनके गंभीर रूप से बीमार होने की संभावना कम जान पड़ती है। साथ ही विशेषज्ञों को अभी इस बात का भी पता नहीं है कि किसी हद तक छोटे बच्चे कोरोना वायरस से बड़ों को संक्रमित कर सकते हैं। हालांकि छोटे बच्चों को मास्क पहनाए रखना मुश्किल है और उन्हें मास्क पहनने की सलाह भी नहीं दी गई है। वो सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं कर सकेंगे। इसलिए सारा ध्यान उनके हाथ धुलाने और दूसरे साफ-सफाई के तरीकों पर रहेगा।
सिर्फ एक व्यक्ति से मिलने का नियम क्यों?
ब्रिटेन में नई गाइडलाइन के हिसाब से लॉकडाउन में छूट के बाद एक वक्त में आप सिर्फ एक व्यक्ति से मिल सकते हैं, जबकि सैद्धांतिक तौर पर देखें तो आप एक व्यक्ति से मिलिए या फिर एक से ज्यादा व्यक्ति से, दोनों ही मामलों में जोखिम बराबर है। लेकिन ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैन्कॉक इसे लेकर कहते हैं कि एक व्यक्ति से मिलने का नियम अक जगह पर अधिक लोगों की भीड़ इकट्ठा नहीं होने देगा और फिर दो मीटर की दूरी बनाए रखने के सोशल डिस्टेंसिंग का आसानी से पालन हो सकता है।
पूरी दुनिया में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए दो मीटर की दूरी बनाए रखने को एक तरह से स्वीकृति मिली हुई है। इससे कम दूरी रखने वालों के साथ वायरस के संक्रमण का जोखिम ज्यादा रहता है। मौजूदा प्रमाण बताते हैं कि संक्रमित हाथ से आंख, नाक और मुंह छूने से कोरोना वायरस आम तौर पर फैल रहा है, न कि किसी वायरस लगे हुए चीज के संपर्क में आने से। लेकिन कुछ प्रमाण ऐसे मिले हैं जिनसे यह पता चला है कि कोरोना वायरस हवा में कुछ देर तक मौजूद रहता है खास तौर पर अस्पतालों में जहां इनके मरीजों का इलाज चल रहा है।
आउटडोर गेम में छूट ना कि इंडोर गेम में, आखिर क्यों?
इस योजना में गोल्फ और टेनिस जैसे खेलों को छूट दी गई है लेकिन अकेले या फिर एक और व्यक्ति के साथ। वो व्यक्ति दूसरा कोई भी हो सकता है। इस हालत में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। हालांकि वैसे खेल या फिर जिम जहां करीबी संपर्क में आने की गुंजाइश है या फिर सतह को बार-बार छूना होता है, वो सब बंद रहेंगे। इंडोर गेम को इजाजत इसीलिए नहीं दी गई है क्योंकि वहां सतह पर वायरस के ठहरने की संभावना ज्यादा है।