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ट्रेन में चेन पुलिंग के ये नियम नहीं जानते होंगे आप, ऐसी गलती की तो जाना पड़ेगा जेल

Tue, 21 Sep 2021 11:02 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Tue, 21 Sep 2021 11:02 AM IST
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Chain Pulling in Train rules Indian Railway
ट्रेन में चेन पुलिंग के नियम - फोटो : iStock

भारतीय रेलवे के बहुत सारे ऐसे नियम हैं, जिनके बारे में लोगों को सही से पता नहीं है या पता भी है तो वो उसका गलत इस्तेमाल करते हैं। इसमें चेन पुलिंग भी शामिल है। इसके बारे में तो आप कुछ न कुछ जानते ही होंगे, लेकिन फिर भी हम आपको बता दें कि किसी आपातकालीन स्थिति में चलती ट्रेन को रोकने के लिए प्रत्येक बोगी में एक चेन यानी जंजीर की सुविधा दी गई होती है, जिसे खींचने पर ट्रेन रूक जाती है। हालांकि बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जो बिना किसी इमरजेंसी के चेन पुलिंग कर देते हैं। रेलवे कहता है कि ऐसा करना कानूनन जुर्म होता है और इसके लिए सजा और जुर्माने का प्रावधान है। यानी अगर लोग बिना किसी इमरजेंसी के चेन खींचकर ट्रेन को रोकने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें रेल पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। आइए जानते हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में आप ट्रेन की चेन खींच सकते हैं? 

Chain Pulling in Train rules Indian Railway
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

सबसे पहले तो ये जान लेते हैं कि आखिर चेन खींचने पर ट्रेन रुक कैसे जाती है? दरअसल, ट्रेन की चेन ट्रेन के मेन ब्रेक पाइप से जुड़ी होती है। इन पाइपों के बीच हवा का दबाव बना रहता है। लेकिन चेन पुलिंग करते ही ये हवा बाहर निकल जाती है। हवा के दबाव में आई इस कमी के कारण ट्रेन की रफ्तार धीमी हो जाती है, जिसके बाद लोको पायलट तीन बार हॉर्न बजाकर ट्रेन को रोक देता है। 

Chain Pulling in Train rules Indian Railway
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

सवाल ये भी उठता है कि आखिर रेल पुलिस को कैसे पता चल जाता है कि किस बोगी में चेन पुलिंग की गई है? दरअसल, ट्रेनों के डिब्बों में इमरजेंसी फ्लैशर लगे होते हैं, जो बताते हैं कि ट्रेन की चेन कहां खींची गई है। अगर फ्लैशर्स नहीं लगे हैं तो ट्रेन के गार्ड को जाकर देखना होगा कि ट्रेन के किस कोच में वॉल्व हटा दिया गया है। जिस कोच से हवा के पाइप का ढक्कन निकला होता है, उसी कोच को चेन पुलिंग की जगह माना जाता है। ऐसी स्थिति में रेल पुलिस बेमतलब चेन पुलिंग करने वालों को पकड़ लेती है। 

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Chain Pulling in Train rules Indian Railway
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

रेलवे के नियमों के तहत चेन पुलिंग की सुविधा का दुरुपयोग एक कानूनन जुर्म है। रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत अगर कोई यात्री बिना किसी उचित और पर्याप्त कारण के अलार्म चेन का इस्तेमाल करता है तो उस पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है या एक साल की कैद हो सकती है।

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Chain Pulling in Train rules Indian Railway
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

इन स्थितियों में ट्रेन में चेन पुलिंग मान्य है? 

  • अगर कोई सहयात्री, जिसकी उम्र 60 साल से ज्यादा है या कोई बच्चा छूट जाए और ट्रेन चल दे 
  • ट्रेन में आग लग जाए 
  • बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति को ट्रेन में चढ़ने में वक्त लग रहा हो और ट्रेन चल दे
  • अचानक बोगी में किसी की तबीयत बिगड़ जाए (स्ट्रोक या हार्ट अटैक हो)
  • ट्रेन में चोरी या डकैती की घटना हो जाए  
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