Basant : बसंत ऋतु सर्दियों और गर्मियों के बीच आती है, जिसमें तापमान धीरे-धीरे बढ़ता है। पेड़-पौधे नए पत्ते और फूल उगाते हैं। इस ऋतु में सर्दियों की ठंडी हवाएं कम होने लगती हैं और तापमान बढ़ने लगता है। वसंत ऋतु को ऋतुराज कहते हैं क्योंकि यह सभी ऋतुओं में सबसे सुखद और उल्लासपूर्ण होती है। जहां प्रकृति नवजीवन से भर जाती है। फूल खिलते हैं और मौसम सुहावना रहता है। इन तस्वीरों में देखें वसंत ऋतु और कुछ पंक्तियों के समझें इस मौसम के बारे में।
Spring Season Images: यह बस बसंत का किया धरा है
इस ऋतु में सर्दियों की ठंडी हवाएं कम होने लगती हैं और तापमान बढ़ने लगता है। वसंत ऋतु को ऋतुराज कहते हैं क्योंकि यह सभी ऋतुओं में सबसे सुखद और उल्लासपूर्ण होती है।
मैं जीता-जागता जैसे कोई खिलौना हूं इसके हाथ लगा।
खिलौने का कैसा दिल, क्या जज्बा!
खेल-खेल में दर्द के निराकार में घुलता-तड़पता।
जिसे ढाक के सूखे पत्ते में निकाल के रख दिया गया हो धूप में।
जिसके जलते दुख पर टेसू के रक्ताभ फूल बरसते रहते हों दिन-रात।
ऐसे में ठंडी नर्म बयार के गलबांही अचानक,
गर्म नहीं, गुनगुना सा हवा का झोंका
कंधा हिला कर दिवास्वप्न से जगाता गुजर जाता हो।
तन्द्रा टूट जाने मात्र से होता क्या है,
कोई परपीड़क अंदर नहीं तो बाहर दिखाई पड़ने लगता है।
बौराय आम की मादक खुशबू से
लदी-पगी हवाओं के छूकर गुजर जाने जैसा।
लहू में मध्यम आग लगाता
सुर्ख फूलों में खिला मचलता है राग!
सूखते जा रहे गेहूं के खेतों को
लहर-लहर लहराती
पागल हवा के मौन गीत सुनाती हैं आंखें।
किसी खुशनसीब की ही सुनी जाने के लिए।