UP Board Result Date 2020: 12वीं के बाद ओशेनोग्राफी में बना सकते हैं अपना करियर
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UP Board Result 2020: ओशेनोग्राफी अर्थात समुद्र विज्ञान के अंतर्गत ओशेन (समुद्र) से संबंधित विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन किया जाता है। ओशेनोग्राफी में करियर ऐसे लोगों के लिए है जो प्रकृति के प्रति जिज्ञासु हैं तथा एक अज्ञात विस्तृत क्षेत्र में विचरण करने के इच्छुक हैं। गौरतलब है कि ओशेनोग्राफी एक अंतर्विषयक विज्ञान है जो कि जीव विज्ञान, भू विज्ञान, मौसम विज्ञान, रसायन विज्ञान तथा भौतिक विज्ञान के सिद्धांतों को एकीकृत करता है। ज्ञातव्य है कि समुद्र वैज्ञानिक समुद्र के पानी की गति और प्रचालन एवं उसके भौतिक तथा रासायनिक गुणों का विस्तृत अध्ययन करते हैं तथा यह ज्ञात करते हैं कि जल के ये गुण तटीय क्षेत्रों, मौसम तथा जलवायु को किस प्रकार से प्रभावित करते हैं। ओशेनोग्राफी के अंतर्गत नमूने एकत्र करना, सर्वेक्षण करना, सागर में कई घंटे अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल आंकड़ों का विश्लेषण करना जैसे अनेक कार्य सम्मिलित हैं। चूंकि यह करियर रिसर्च ओरिऐटेक होता है इसलिए आपको दीर्घावधियों के लिए समुद्र में रहना होता है तथा इस दौरना समुद्र की सभी चुनौतियों तथा जोखिमों का सामना भी करना पड़ता है। ओशेनोग्राफी क्षेत्र के करियर बहुत चुनौतीपूर्ण है।
ओशेनोग्राफी के अंतर्विषयक क्षेत्र जिनमें उजला करियर बनाया जा सकता है, इस प्रकार हैं-
समुद्री पुरातत्व विज्ञान-
- समुद्री पुरातत्व विज्ञान के तहत पुरातत्व वैज्ञानिक भौतिक साक्ष्यों जैसे जहाजों का मलवा, अतीत में मानव सभ्यताओं द्वारा छोड़ें गए अवशेषों जैसे कब्रों, भवनों, उपकरणों आदि जो कि समुद्र में डूब चुके हैं उनकी खोज करना। इसमें समुद्री बाढ आदि के कारण जलमग्न हुए प्राचीन शहरों आादि की खोज का कार्य भी किया जाता है।
समुद्री जीव विज्ञान-
- समुद्री जीव विज्ञान एक ऐसा क्षेत्र है जो समुद्री पर्यावरण में जीवन प्रक्रियाओं का अध्ययन करता है। इसके अंतर्गत समुद्र में पादप और जीव जंतुओं के जीवन के सभी पहलू शामिल होते हैं। समुद्र जीव वैज्ञानिक पौधे और जीव जन्तुओं के पैदा होने, संवितरण तथा विकास का अध्ययन करते हैं एवं यह पता लगाते हैं कि पर्यावरणीय घटकों का इन जीव जन्तुओं पर क्या असर पड़ता है।
समुद्री नीति विज्ञान-
- समुद्री नीति विज्ञान के तहत समुद्री नीति विशेषज्ञ विधि, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र तथा व्यापार की जानकारी को एकीकृत करते हैं ताकि समुद्र और तटवर्ती संसाधनों के बुद्धिमतापूर्ण इस्तेमाल हेतु दिशा-निर्देश और नीतियां बना सकें।
भौतिक समुद्र विज्ञान-
- भौतिक समुद्र विज्ञान के तहत समुद्र, मौसम और जलवायु के बीच के संबंधों का अध्ययन किया जाता है। भौतिक समुद्र वैज्ञानिक पानी के भौतिक गुणों जैसे तापमान, लवणता की मात्रा, घनत्व, जल प्रवाह, लहरें आदि का अध्ययन करते हैं। भौतिक समुद्र वैज्ञानिक तरंगों की गति, ज्वार भाटा और प्रवाह जैसे समुद्र के गुणों की भी जांच करते हैं।
समुद्री रसायन विज्ञान-
- समुद्री रसायन विज्ञान जल की संरचना तथा गुणवत्ता के साथ जुड़ा हुआ है। समुद्री रसायन वैज्ञानिक रासायनिक मिश्रणों तथा समुद्र एवं समुद्र की सतह पर होने वाली अनेक रासायनिक अंतर क्रियाओं में रुचि लेते हैं। इसका उद्देश्य ऐसी प्रौद्योगिकी के बारे में अनुसंधान और विकास करना है जो समुद्र से बहुमूल्य तत्वों को प्राप्त करने में मददगार हो। समुद्र रसायन विज्ञान के तहत तटवर्ती क्षेत्रों में समुद्री जल के प्रदूषण की समस्या के समाधान की पद्धतियां विकसित करना भी शामिल है।
योग्यता-
- ओशेनोग्राफी के अध्ययन के लिए विभिन्न विषयों का परीक्षण करना होता है, अत: इसे अंतर्विषयक विज्ञान कहा जाता है। समुद्र विज्ञान और समुद्र संबंधी क्षेत्रों से जुड़ें व्यक्तियों को विज्ञान के कम से कम एक बुनियादी विषय जैसे भू-विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान अथवा इंजीनियरी का ज्ञान अनिवार्य है। इस क्षेत्र में चमकीला करियर बनाने के लिए शैक्षिक तथा तकनीकी कौशल आवश्यक है। हमारे देश के कई यूनिवर्सिटी समुद्र विज्ञान में स्नातक, स्नातकोत्तर तथा डॉक्टरेट उपाधि प्रदान करते हैं। मरीन साइंस/ओशनोग्राफी में स्नातक उपाधि प्राप्त करने के लिए बारहवीं की परीक्षा न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ विज्ञान विषय से उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
वेतन-
- ओशेनोग्राफी एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें आकर्षक वेतन तथा लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। इस क्षेत्र में प्रारंभिक वेतन 20 हजार से 30 हजार रुपये मासिक होता है, जो अनुभव के साथ तेजी से बढता जाता है। समुद्री व्यवसायियों का वेतन उनकी व्यक्तगित योग्यताओं, अनुभव और नौकरी देने वाले संस्थान के आकार पर भी बहुत हद तक निर्भर करता है।
प्रमुख संस्थान-
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज एजुकेशन, अंधेरी मुंबई
- विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कोचीन (केरल)
- कर्नाटक विश्वविद्यालय, पावेट नगर, धारवाड़
- मंगलौर विश्वविद्यालय, मंगलगंगोत्रू (कर्नाटक)
- बहरामपुर विश्वविद्यालय, बहरामपुर (ओडिशा)
- मदुरै कामराज विश्वविद्यालय, तमिलनाडुु
- उत्कल विश्वविद्यालय भुवनेश्वर (ओडिशा)
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ओशेनोग्राफी, गोआ
- सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टॉपिकल मीटीरियोलॉजी, पुणे
- इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड ओशियन टेक्नाेेलॉजी, नवी मुंबई

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