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क्लिक कर जानिए, रक्षामंत्री परिकर के सुझाव पर क्यों भड़के मुफ्ती
Mon, 25 May 2015 11:56 AM IST
Updated Mon, 25 May 2015 11:56 AM IST
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने आतंकियों से निपटने के रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के फार्मूले को खारिज कर दिया है। परिकर ने आतंकियों को दूसरे आतंकियों द्वारा खत्म करवाने की बात कही थी। परिकर ने अपने बयान में आतंकियों को ‘इखवानियों’ (आत्म समर्पण कर चुके आतंकी) का इस्तेमाल कर समाप्त करने के संकेत दिए थे।
(अमृतपाल सिंह बाली)
(सभी फाइल फोटो)
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राज्य सरकार के प्रवक्ता नईम अख्तर ने स्पष्ट किया कि रियासत सरकार ऐसा हरगिज नहीं करेगी। उन्होंने आतंकियों से निपटने के लिए ‘इखवानियों’ के इस्तेमाल को अवैधानिक एवं असंवैधानिक करार दिया है। अख्तर ने कहा कि जिसने भी आतंकियों से निपटने अथवा आतंकियों को समाप्त करने के लिए ‘इखवानियों’ का इस्तेमाल करने की बात कही है, उसे शायद कानून और कश्मीर के जमीनी हालात की जानकारी नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर से सलवा जुडुम के मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले का उदाहरण देते हुए बताया कि अप्रैल 2008 में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से माओवादियों के खिलाफ राज्य प्रायोजित बंदूकधारियों के इस्तेमाल को गैर कानूनी और असंवैधानिक करार दिया था।
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उमर ने कहा कि रीगल चौक के दुकानदार जो बाढ़ के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे उनसे पूछा जाए कि क्या उन्हें सरकार की ओर से कुछ मिला है। जो थोड़ा बहुत मिला भी वह हमारी सरकार के समय।
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उल्लेखनीय है कि रक्षा मंत्री परिकर द्वारा एक इंटरव्यू में आतंकियों से निपटने के लिए ‘इखवानियों’ का इस्तेमाल किए जाने के संबंध में दिए गए बयान के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा इसका कड़ा विरोध किया जा रहा है। बिना रक्षा मंत्री का हवाला देते हुए उनके बयान को खारिज करते हुए प्रदेश सरकार के प्रवक्ता नईम अख्तर ने कहा कि पीडीपी की छवि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने की है। सब जानते हैं कि 2002 में सत्ता में आने के बाद पीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने कश्मीर में इख्वानी कल्चर को पूरी तरह से समाप्त कर दिया था। यहां तक कि खतरनाक टास्क फोर्स को भी समाप्त कर दिया था, जिससे कि रियासत भर के लोगों को काफी राहत मिली थी।
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कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के बयान को खारिज करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में एक और गन कल्चर के लिए कोई जगह नहीं है। श्रीनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं के अधिवेशन में कहा कि रक्षा मंत्री का बयान केंद्र की मोदी सरकार की मानसिकता को दर्शाता है। रियासत में गन कल्चर के लिए न तो जगह है और न ही इसकी अनुमति दी जाएगी।उन्होंने कहा कि रक्षामंत्री के बयान से साबित होता है कि वह यहां होम वर्क करके नहीं आए थे।
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