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वायुसेना दिवस: आसमान से देश को महफूज रखने वाले ये हैं एयरफोर्स के लड़ाकू विमान
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 08 Oct 2016 05:30 PM IST
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Indian Airforce
- फोटो : File Photo
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आज वायुसेना दिवस है। आज भारतीय वायुसेना ने अपने 84 वर्ष पूरे किये। इस मौके पर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर परेड के साथ साथ लड़ाकू विमान, मालवाहक विमान और हेलीकॉप्टर ने फ्लाइ पास्ट में हिस्सा लिया। फ्लाई-पास्ट में पहली बार स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस को भी शामिल किया गया। वायु सेना दिवस पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों को बधाई दी । वायुसेना दिवस के इस खास मौके पर तस्वीरों में देखें भारतीय वायुसेना की ताकत माने जाने वाले हाइटेक विमान :
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राफेल
राफेल सिर्फ एक मिनट में 60 हज़ार फुट की ऊंचाई तक जाने में सक्षम है, वहीं इसकी मारक क्षमता करीब 3700 किलोमीटर है और यह 2200 से 2500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़ सकता है। राफेल लड़ाकू विमानों की सबसे खास बात यह है कि इसमें नए दौर की दृश्य से ओझल होने में सक्षम ‘मिटिअर’ मिसाइल और इजराइली प्रणाली भी है।
राफेल सिर्फ एक मिनट में 60 हज़ार फुट की ऊंचाई तक जाने में सक्षम है, वहीं इसकी मारक क्षमता करीब 3700 किलोमीटर है और यह 2200 से 2500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़ सकता है। राफेल लड़ाकू विमानों की सबसे खास बात यह है कि इसमें नए दौर की दृश्य से ओझल होने में सक्षम ‘मिटिअर’ मिसाइल और इजराइली प्रणाली भी है।
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सुखोई एसयू-३० एमकेआई
सुखोई ३० एमकेआई भारतीय वायुसेना का बेहद हाइटेक लड़ाकू विमान है। इस लड़ाकू विमान को भारत ने रूस की मदद से मिलकर बनाया है । भारतीय वायुसेना का यह विमान ३००० किमी की दूरी तक जा कर हमला कर सकता है। इसके एएल-३१ टर्बोफैन इन्जन इसे २६०० किमी प्रति घण्टे की गति देते हैं। यह विमान हवा में ईन्धन भर सकता है। इस विमान में मिसाइल लांचिग की तकनीकी के साथ 30 मिमी की एक तोप भी लगी हुई है ।
सुखोई ३० एमकेआई भारतीय वायुसेना का बेहद हाइटेक लड़ाकू विमान है। इस लड़ाकू विमान को भारत ने रूस की मदद से मिलकर बनाया है । भारतीय वायुसेना का यह विमान ३००० किमी की दूरी तक जा कर हमला कर सकता है। इसके एएल-३१ टर्बोफैन इन्जन इसे २६०० किमी प्रति घण्टे की गति देते हैं। यह विमान हवा में ईन्धन भर सकता है। इस विमान में मिसाइल लांचिग की तकनीकी के साथ 30 मिमी की एक तोप भी लगी हुई है ।
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तेजस
भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल तेजस वायुसेना के सबसे हल्के लड़ाकू विमानों में से एक है । ये विमान 1850 किमी की रफ्तार से उड़ सकता है और ये समंदर के ऊपर, राजस्थान के रेगिस्तान में कश्मीर और उत्तर-पूर्व के पर्वतीय इलाकों में भारत के सामने आने वाली हर चुनौती का माकूल जवाब देने की ताकत से लैस है।
भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल तेजस वायुसेना के सबसे हल्के लड़ाकू विमानों में से एक है । ये विमान 1850 किमी की रफ्तार से उड़ सकता है और ये समंदर के ऊपर, राजस्थान के रेगिस्तान में कश्मीर और उत्तर-पूर्व के पर्वतीय इलाकों में भारत के सामने आने वाली हर चुनौती का माकूल जवाब देने की ताकत से लैस है।
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मिग-29
भारतीय वायुसेना का ये लड़ाकू विमान 65000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ सकता है । 2400 किमी की रफ्तार से उड़ने वाला ये लड़ाकू विमान एक बार में 1450 किमी की दूरी तक जाकर हमला कर सकता है । भारतीय वायुसेना के इस विमान को सेना के सबसे हाइटेक सुपरसोनिक विमानों में से एक माना जाता है ।
भारतीय वायुसेना का ये लड़ाकू विमान 65000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ सकता है । 2400 किमी की रफ्तार से उड़ने वाला ये लड़ाकू विमान एक बार में 1450 किमी की दूरी तक जाकर हमला कर सकता है । भारतीय वायुसेना के इस विमान को सेना के सबसे हाइटेक सुपरसोनिक विमानों में से एक माना जाता है ।