आज राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में एक मिनी बस के पुल से नदी में गिर जाने के बाद करीब 33 लोगों की मौत हो गई। ऐसे पहली बार नहीं है जब ऐसे हादसों में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। राजस्थान पहले भी ऐसे बड़े सड़क हादसों का गवाह रहा है। बनास नदी हादसे ने फिर पुरानी बुरी यादें कुरेद डालीं हैं।
दस साल पहले यहीं गई थीं 26 जानें
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बनास हादसे की एक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
सवाईमाधोपुर जिले में आज बनास नदी की पुलिया पर हुए इस हादसे ने 10 साल पहले हुए हादसे की भी यादें ताजा कर दीं, जिसमें करीब 26 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। ये हादसा इसी घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर हुआ था। दरअसल कॉलेज छात्रों से भरी हुई एक बस ओवरलोडेड जुगाड़ को ओवरटेक करने के प्रयास में इसी नदी में जा गिरी थी और देखते ही देखते 26 छात्रों की जान चली गई थीं।
जब ट्रक से टकराई थी स्कूली बच्चों से भरी बस
साल 2013 में भी एक भयानक सड़क हादसा देखने को मिला था जब स्कूली बच्चों से भरी एक बस एक ट्रक से टकरा गई थी। इस सड़क हादसे में करीब 13 से ज्यादा मासूमों की मौत हो गई थी जबकि 24 से ज्यादा छात्र गंभीर रुप से घायल हुए थे।
जब हाईटेंशन लाइन ने ले ली थी बस में सवार 30 बारातियों की जानें
साल 2015 में राजस्थान के टोंक जिले में जनवरी के महीने एक बड़ा हादसा पेश आया था जिसमें बारातियों से भरी हुई एक बस हाईटेंशन लाइन को छू गई थी जिसमें करीब 30 से ज्यादा लोगों को की करंट लगने से मौत हो गई थी। इस हादसे में बस चालक हाईटेंशन लाइन के झूलते तारों को देख नहीं पाया था जिससे पूरी की पूरी बस ही करंट की चपेट में आ गई थी।
हरिद्वार जा रही बस को ट्रोले ने मारी थी टक्कर, 9 की हुई थी मौत
इस साल जुलाई माह में उदयपुर में भी बड़ा बस हादसा पेश आया जब तीर्थयात्रियों से भरी बस रफ्तार के कहर का शिकार बन गई। इस हादसे में करीब 9 लोग काल का ग्रास बन गए। जानकारी के अनुसार उदयपुर-अहमदाबाद बाइपास पर नेला सरकारी स्कूल के बाहर ट्रोले के पीछे से टक्कर मार देने के कारण एक निजी बस असंतुलित होकर गड्ढे में गिर गई। इस हादसे में 9 जनों की मौत हो गई थी और 24 घायल हो गए।