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पद्मावती-रतनसिंह के मिलन की रोचक कहानी, स्कूली बच्चे पढ़ रहे हैं आप भी पढ़िए

Thu, 23 Nov 2017 04:14 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 23 Nov 2017 04:14 PM IST
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padmavati row: school students are reading story of padmini in books
Padmavati
संजय लीला भंसाली की आने वाली विवादित फिल्म 'पद्मावती' को लेकर विवाद जारी है। अब तक जो कहानी सामने आई है, उसमें पद्मावती की सुंदरता को लेकर अलाउद्दीन खिलजी का पागलपन सुनने को मिला है। लेकिन राजस्थान के सरकारी स्कूल की किताब की मानें तो राजा रतनसिंह और पद्मिनी यानी पद्मावती की शादी का दास्तां भी कम रोचक नहीं है। इस कहानी में अहम किरदार निभाया है एक तोते ने।

चंपावती की बेटी थी पद्मिनी

padmavati row: school students are reading story of padmini in books
किताब में पद्मावती की कहानी - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बारहवीं की किताब में पद्मिनी की यह कहानी पढ़ाई जा रही है। कहानी के मुताबिक सिंहल द्वीर (श्रीलंका) में गंधर्वसेन नामक राजा था। उसकी रानी चंपावती के पद्मिनी नाम की बेटी थी। वह बहुत ही सुंदर थी। उसके पास हीरामन नाम का तोता था, जो बहुत चतुर था।

रतन सिंह ने एक लाख में खरीदा था तोता

padmavati row: school students are reading story of padmini in books
padmavati poster
एक दिन हीरामन तोता पिंजरे से उड़ गया और एक शिकारी ने पकड़कर उसे एक ब्राह्मण को बेच दिया। वो ब्राह्मण ने उस तोते को चितौड़ के राजा रतन सिंह को एक लाख रुपए में बेच दिया।
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तोते ने नागमती को दिया ऐसा जवाब

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Padmavati
कहानी में लिखा गया है कि रत्न सिंह की रानी नागमती ने सज संवरकर तोते से पूछा कि क्या मेरे जैसा दुनिया में कोई और भी है। तो तोते ने कहा कि जिस सरोवर में हंस नहीं आता उसमें बगुला ही हंस कहलाता है। रतन सिंह तोते के मुंह से पद्मिनी की तारीफ सुनकर मुग्ध हो गया।
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इस तरह पहुंचे पद्मिनी तक

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padmavati
इसके बाद वह योग बनकर तोते के साथ सिंहल देश चला गया। कई परेशानियों को पार करता हुआ वो सिंहल देश पहुंचा। सरकारी किताब के अनुसार तोते ने पद्मिनी से रतन सिंह की खूब प्रशंसा की। दोनों एक दूसरे को देखकर ही प्रेम बद्ध हो गए। इसके बाद राजा गंधर्व सेन ने रतन सिंह के बारे में जानकर पद्मिनी से उसकी शादी करवा दी।
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