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पद्मावती विवाद: सैलानी अब नहीं पढ़ पाएंगे पद्मिनी की 'वो' कहानी

Sun, 26 Nov 2017 09:03 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sun, 26 Nov 2017 09:03 AM IST
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padmavati row: Archaeological department covered story of padmini with cloth
Padmavati
संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर चल रहे विवाद के एक पहलू का तो हल निकाल लिया गया है। सरकारी अधिकारियों ने विवाद के एक कारण पर परदा गिराकर अपना काम पूरा कर लिया है।


दरअसल पद्मावती फिल्म के कथानक को लेकर उपजे पूरे विवाद में एक बात यह भी सामने आई थी कि चित्तौड़गढ़ के पद्मिनी महल के बाहर एक शिलालेख पर वही कहानी लिखी गई है, जिसे लेकर विवाद हो रहा है। राजपूत समाज की ओर से मांग की गई थी कि इस शिलालेख को हटाया जाए।

कपड़े से ढक दिया शिलालेख

padmavati row: Archaeological department covered story of padmini with cloth
इनसेट में ढ़का हुआ शिलालेख - फोटो : अमर उजाला
विवाद को लेकर पिछले दिनों प्रदर्शन भी किया गया था। इसके बाद पुरातत्व विभाग ने इस शिलालेख को यहां से हटाया तो नहीं पर उस पर परदा जरूर लगा दिया। कपड़े से ढ़क दिए जाने के बाद अब लोग इस कहानी को नहीं पढ़ पाएंगे।

 

ये है विवादित कहानी...

padmavati row: Archaeological department covered story of padmini with cloth
शिलालेख पर लिखी कहानी - फोटो : अमर उजाला
दरअसल इस शिलालेख पर लिखा था कि यह महल पद्मिनी तालाब के उत्तरी तट पर स्थित है, जो कि रानी पद्मिनी महल के नाम से जाना जाता है। मेवाड़ के इतिहास में इस महल का खास महत्व है। किंवदन्ती है कि राजा रतन सिंह ने महल के दक्षिणी भाग में स्थित कमरे में लगे शीशे से रानी पद्मिनी के सौंदर्य की झलक अलाउद्दीन खिलजी को दिखाई थी। जिसके बाद उसने चित्तौड़ के अधिकार में लेने हेतु आक्रमण किया।

 
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प्रदर्शन कर हटाने की मांग की थी

padmavati row: Archaeological department covered story of padmini with cloth
padmavati ban
इस शिलालेख को लेकर राजूपत समाज की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया था। उन्होंने ज्ञापन देकर मांग की थी कि इस विवादास्पद शिलालेख को हटा दिया जाए, जिससे यहां आने वाले पर्यटक गलत जानकारी नहीं पढ़ें।

इसके बाद विभाग ने कपड़े से इस पूरे शिलालेख को ढ़क दिया। इसके साथ ही बोर्ड की सुरक्षा में जवान भी लगा दिए गए हैं। विभाग को यह डर भी है कि इस शिलालेख को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जा सके।

 
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भंसाली से हो चुकी है मारपीट

padmavati row: Archaeological department covered story of padmini with cloth
डेमो इमेज
गौरतलब है कि फिल्म का विरोध शूटिंग के साथ ही शुरू हो गया था। संजय लीला भंसाली ने जब पद्मावती फिल्म की शूटिंग की तो उस वक्त भी इसका विरोध हुआ। इसकी कहानी को लेकर आपत्ति जताई गई। इसके बाद फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया। कुछ समय पहले आक्रोशित उन विवादित शीशों को भी चित्तौड़गढ़ में तोड़ दिया, जिनमें रानी पद्मिनी को खिलाजी को दिखाने का दावा किया जाता है।


 
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