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जेल से मुक्ति दिलाती है ये देवी, चढ़ाते हैं हथकड़ी और बेड़ियां

Thu, 21 Sep 2017 04:11 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 21 Sep 2017 04:11 PM IST
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Mata's such temple is offered where handcuffs and ferries
दिवाक माता मंदिर
आपने लोगों को मंदिरों में रोली, सिंदूर, नारियल, चुनरी, छत्र और मिठाइयां चढ़ाते हुए तो बहुत देखा होगा, लेकिन एक मंदिर ऐसा है जहां लोग हथकड़ी और बेड़ियां चढ़ाते हैं।


राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में स्थित ये मंदिर माता का है। जोलर ग्राम पंचायत में स्थित इस मंदिर को लोग दिवाक माता के मंदिर के रूप में जानते हैं। यह आसपास सहित पूरे देशभर में इसी नाम से प्रसिद्ध है।

जेल जाने से बचाती है ये देवी

Mata's such temple is offered where handcuffs and ferries
दिवाक माता मंदिर
मंदिर की खास बात यह है कि यहां पर आने वाले भक्त माता को खुश करने के लिए हथकड़ी और बेड़ियां चढ़ाते हैं। मान्यता है कि ये देवी जेल जाने से बचाती है। देवलियां के घने जंगलों में स्थित इस अनोखे मंदिर जाने के लिए ऊबड़-खाबड़ रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।

दर्शनों के लिए दूरदराज से आते हैं लोग

Mata's such temple is offered where handcuffs and ferries
दिवाक माता मंदिर
मंदिर पहुंचने के लिए रास्ता भले ही कठिन हो, लेकिन यहां दर्शनों के लिए दूरदराज से लोग आते हैं। मंदिर में एक त्रिशुल गड़ा है जहां हथकड़ी और बेड़ियां चढ़ाई जाती हैं। कई हथकड़ियां तो यहां पर करीब दो सौ साल से भी ज्यादा पुरानी है।
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ये है मंदिर के पीछे मान्यता

Mata's such temple is offered where handcuffs and ferries
दिवाक माता मंदिर
बताया जाता है कि दिवाक माता मंदिर में हथकड़ी से मुक्ति मिल जाती है। काफी समय पहले यहां डाकुओं का डेरा था। ऐसे में ये डाकू वारदात करने से पहले माता के मंदिर में आकर मन्नत मांगते थे कि अगर वे अगर डकैती में सफल हो गए और पुलिस से बच गए तो वे माता को हथकड़ी और बेडि़यां चढाएंगे।
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और फिर टूट गई डाकू की बेड़ियां

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डेमो इमेज
लोग बताते हैं कि डाकू पृथ्वीराणा ने दिवाक माता से मुराद मांगी थी कि अगर वह जेल से भागने में सफल रहा तो वह माता के दर्शन करने आएगा। इसके बाद पृथ्वीराणा की बेड़िया टूट गई थी। तभी से यह परंपरा चलने लगी कि यहां बेड़ियां और हथकड़ी चढ़ाने से जेल से मुक्ति मिल जाती है।
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