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इस महाशिवरात्रि का है बजरंगबली से जबरदस्त कनेक्शन, 50 साल बाद ये संयोग दिलाएगा अपार सफलता
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 11 Feb 2018 10:40 AM IST
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शिवरात्रि
- फोटो : फाइल फोटो
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इस साल 50 साल बाद महाशिवरात्रि मंगलवार को मनाई जाएगी। इस दिन बुधादित्य, स्नेह व सिद्धियोग का संयोग रहेगा। मंगलवार को यह योग बनने से शिवरात्रि का महत्व बढ़ गया है। शहर के प्रमुख मंदिरों में शिवरात्रि को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
इसलिए मनाते हैं शिवरात्रि
lord shiva
पं. राजकुमार चतुर्वेदी के मुताबिक साल में दो बार शिवरात्रि मनाई जाती है। प्रथम फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को और दूसरी श्रावण मास कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को। फाल्गुन माह की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इस दिन शिव पार्वती का विवाह हुआ था। साथ ही इसी दिन भगवान शिव का स्वरूप शिवलिंग भी उदित माना गया है।
ये रहेंगे शुभ मुहुर्त
lord shiva
उनके अनुसार महाशिवरात्रि के दिन निशिदकाल में शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 13 फरवरी को रात 10.04 बजे से चतुर्दशी शुरू हो जाएगी। यह अगले दिन 14 फरवरी को रात 12.47 तक रहेगी।
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एकादश अवतार हैं रुद्रावतार
Mahashivaratri 2018
शिवजी की अराधना के लिए चार प्रहर में पूजा का महत्व बताया है जो 13 फरवरी की रात में होगा। शिव के एकादश अवतार के रूप में रुद्रावतार हनुमान थे, जिनकी पूजा होगी।
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पचास साल बाद हो रहा है
शिवलिंग
उनके प्रिय वार मंगलवार को महाशिवरात्रि का पर्व आ रहा यह 27 फरवरी 1968 के बाद बन रहा है। इसी दिन सूर्य व बुध के योग से बुधादित्य एवं मंगल व शुक्र के दृष्टि संबंध से स्नेह योग के अलावा सिद्ध योग भी रहेगा।