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मिलिए इस Ironman से जिन्होंने 17 घंटे में ही पूरा कर लिया इंडिया का सबसे टफ चैलेंज
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 20 Dec 2017 04:34 PM IST
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आयरनमैन मृगेश गुप्ता
- फोटो : Amar Ujala
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देश के सबसे टफ स्पोर्ट्स चैलेंजेस में से एक आयरनमैन को जीतकर कोटा के आईआईटी कोचिंग देने वाले शिक्षक ने इतिहास रचा है। इस शिक्षक ने ना सिर्फ ये चैलेंज पूरा किया बल्कि असंभव को संभव भी करके दिखाया है। इस चैलेंज को पूरा करने के लिए काफी चुनौतियां पूरी करनी पड़ी और कड़ी मेहनत के बाद ये खिताब हासिल किया।
ऐसा करने वाले राजस्थान के दूसरे एथलीट
आयरनमैन मृगेश गुप्ता
- फोटो : Amar Ujala
कोटा के मृगेश गुप्ता ने पिछले दिनों चेन्नई में आयोजित ट्रायथेलॉन में आयरनमैन चैलेंज को पूरा किया है। इसमें उन्होंने 17 घंटे 10 मिनट में 3.9 किमी तैराकी, 180 किमी साइक्लिंग, 42 किमी दौड़ पूरी की है। ऐसा करने वाले मृगेश कोटा के पहले और राजस्थान के दूसरे एथलीट बन गए हैं।
इससे पहले जयपुर के नरेन्द्र खर्रा आयरन मैन का चैलेंज पूरा कर चुके हैं। इससे पहले 15 जनवरी 2016 को मुम्बई मैराथन दौड़ चुके हैं। काॅलेज में मार्शल आर्ट किक बाॅक्सिंग में ब्लैक बेल्ट रह चुके हैं। दिल्ली हाफ मैराथन व जयपुर में थार में रेस पूरी कर चुके हैं। गत 19 मार्च को जयपुर में हाफ आयरनमैन का चैलेंज भी पूरा कर चुके हैं।
इससे पहले जयपुर के नरेन्द्र खर्रा आयरन मैन का चैलेंज पूरा कर चुके हैं। इससे पहले 15 जनवरी 2016 को मुम्बई मैराथन दौड़ चुके हैं। काॅलेज में मार्शल आर्ट किक बाॅक्सिंग में ब्लैक बेल्ट रह चुके हैं। दिल्ली हाफ मैराथन व जयपुर में थार में रेस पूरी कर चुके हैं। गत 19 मार्च को जयपुर में हाफ आयरनमैन का चैलेंज भी पूरा कर चुके हैं।
पता नहीं था क्या है Ironman Challenge और ना ही जानते थे तैरना
आयरनमैन मृगेश गुप्ता
बड़ी बात यह कि 15 महीने पहले तक मृगेश को यह भी नहीं पता था कि आयरन मैन चैलेंज होता क्या है, यहां तक की प्रोफेशनल तैराकी भी नहीं आती थी। हां लेकिन हल्का-फुल्का तैरना जरूर आता था। इन सबके बावजूद मृगेश ने इरादा बनाया और जीत हासिल करने के लिए दिन-रात एक कर दिए। दैनिक दिनचर्या, शिक्षण के कार्य को यथावत रखते हुए ऐसी तैयारी की कि आयरन मैन का चैलेंज पूरा कर माने।
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फेसबुक पोस्ट देखकर मिला मोटिवेशन
आयरनमैन मृगेश गुप्ता
डेढ़ साल पहले तक मृगेश न तैरना जानते थे और ना ही आयरन मैन चैलेंज के बारे में जानते थे। दोस्त गौरव खंडेलवाल ने फेसबुक पर 150 किलोमीटर साइक्लिंग की पोस्ट डाली तो प्रेरित होकर मृगेश ने भी साइक्लिंग करना शुरू किया। दोस्त राजेश शर्मा ने आयरन मैन कहना शुरू किया। उनसे पूछा की आयरन मैन क्या होता है तो बात सामने आई कि इस तरह के चैलेंज होते हैं। बस, फिर इसकी तैयारी में जुट गया। स्वीमिंग नहीं आती थी तो स्वीमिंग सीखना शुरू किया।
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चंबल के घड़ियालों ने रोकी राह
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मृगेश ने बताया कि लम्बी तैराकी के लिए कोटा में बड़े स्वीमिंग पूल ही नहीं हैं। यहां चम्बल नदी में घड़ियाल व अन्य जीव होने से लम्बा तैरने में डर लगता है। ऐसे में तैरने के लिए मैं दिल्ली जाता था। वहां भट्टी माइंस में जाकर दोस्त के साथ तैरता था और उसी दिन वापस कोटा आ जाता था।