फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ऐसा देश है मेरा: हर बरस शहीदों की कलाई पर बंधती है राखी

Mon, 07 Aug 2017 04:59 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Mon, 07 Aug 2017 04:59 PM IST
विज्ञापन
every year is tied on the wrist of the martyrs Rakhi
शहीद महिपाल सिंह की प्रतिमा - फोटो : amar ujala
भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पूरे देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। ऐसे में शहीदों के परिजन भी उन्हें आज के दिन राखी बांधना कभी नहीं भूलते। इन बहनों के लिए उनका भाई आज भी उनके साथ है।


झुंझुनूं के किसारी गांव के रहने वाले थे महिपाल सिंह तिलोटिया। 15 अप्रैल 2009 को झारखण्ड में नक्सलियों के आतंकी हमले में महिपाल शहीद हो गए थे। रक्षाबंधन पर उनकी बहन भाई की प्रतिमा को राखी बांधना नहीं भूलती। उनके साथ ग्रामवासी भी रक्षासूत्र बांधकर  लाड़ले को याद करते हैं। आज भी शहीद की बहन प्रकाश देवी और बेटी अंकिता परिजनों के साथ राखी बांधने पहुंची।

बहन बीमार हुई तो बेटी ने बांधी राखी

every year is tied on the wrist of the martyrs Rakhi
शहीद शिशुपाल सिंह की प्रतिमा - फोटो : amar ujala
झुंझुनूं जिले के मलसीसर तहसील के खनारा का बास के लाडले शहीद शिशुपाल सिंह गढवाल 28 दिसम्बर 2001 को जैसलमेर में बारूदी सुरंग में हुए विस्फोट में शहीद हो गए थे। तब से बहन हर रक्षाबंधन पर उनकी प्रतिमा को राखी बांधकर भाई की यादों को ताजा करती है। इस बार बहन बीमार हो गई तो शहीद की कलाई पर बेटी ने राखी बांधी। सुशीला ने पिता की प्रतिमा के राखी बांधी तो उनकी आंखे भर आई।

बहन नहीं है तो परिजन बांधते हैं राखी

every year is tied on the wrist of the martyrs Rakhi
शहीद राजेंद्र की प्रतिमा - फोटो : amar ujala
झुंझनूं जिले के उदयपुरवाटी थाना इलाके के चिराना बनी गांव के रहने वाले राजेंद्र सिंह शेखावत कारगिल युद्ध के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे। उनके स्मारक पर हर पर्व पर लोग श्रद्धा के फूल चढ़ाते हैं। उनके बहन नहीं है, लेकिन परिजन हर साल रक्षाबंधन पर शहीद को राखी बांधते हैं। आज राजेंद्र सिंह की प्रतिमा को राखी बांधने उनकी भतीजी आंनद कंवर पहुंची।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉर्डर पर तैनात महिला जवानों ने ऐसे मनाया त्यौंहार

every year is tied on the wrist of the martyrs Rakhi
महिला जवान - फोटो : amar ujala
जैसलमेर में भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात सीमा सुरक्षा बल की महिला टीम ने भी उत्साह और उमंग के साथ रक्षाबंधन मनाया। सीमा प्रहरी महिलाओं ने सीमाओं पर पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं के हाथों में राखियां बांधी। इनका कहना था कि आज उन्हें भी अपने भाइयों की याद आ गई, लेकिन जब सीमाजन कल्याण समिति के कार्यकर्ता उनसे राखी बंधवाने पहुंचे तो उन्हें बेहद खुशी हुई। 
विज्ञापन

यहां गांव की बहनें बांधने पहुंचती हैं राखी

every year is tied on the wrist of the martyrs Rakhi
शहीद धर्मपाल की प्रतिमा
शेखावाटी के खेतड़ी नगर में र​हने वाले थे धर्मपाल। देश की रक्षा करते हुए शहीद होने के बाद हर साल रक्षाबंधन पर उनकी बहन गांव की अन्य बहनों के साथ भाई की प्रतिमा को राखी बांधने पहुंचती है। ऐसा यहां आसपास के कई इलाके जाबासर, झंटावा कलां, बाबा पड़ता की ढाणी, मीणा की ढाणी और बास हरिपुरा में शहीद जवानों की प्रतिमाओं पर बहनों ने रक्षासूत्र बांधे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed