अब महज एक सेकेंड में आप 1-1 जीबी की 14 फिल्में डाउनलोड कर सकते हैं। यह सुनने में आपको अचंभा सा तो लग रहा होगा। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे संभव है, क्योंकि हमारा इंटरनेट तो 1 जीबी की एक फिल्म ही डाउनलोड करने में आधा या कभी-कभी एक घंटा भी लगा देता है, उसमें भी अगर सही से इंटरनेट चला तो। लेकिन हम आपको बता देते हैं कि ऐसा कैसे संभव है?
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) ने इसे संभव कर दिखाया है। दरअसल, देश का सबसे भारी उपग्रह जीसैट-11 भारतीय समयानुसार बुधवार तड़के 2.07 बजे दक्षिण अमेरिका के फ्रेंच गुयाना से एरियनस्पेस के एरियन-5 रॉकेट से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। रॉकेट ने बेहद सुगमता के साथ करीब 33 मिनट में उपग्रह को उसकी कक्षा में स्थापित कर दिया। यह एक ऐसा उपग्रह है, जिसके सक्रिय होने के बाद देश में इंटरनेट से 14 जीबी प्रति सेकेंड की रफ्तार से डाटा भेजा जा सकेगा।
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Wires
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इस उपग्रह में 40 ट्रांसपोंडर लगे हुए हैं, जिसमें 32 स्पॉट बीम के साथ-साथ आठ सब-बीम भी हैं, जो देश के साथ-साथ दूरदराज के इलाकों को भी कवर करेंगे। इसका फायदा ये होगा कि इससे ई-गवर्नेंस को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही लोगों को केबल, डिश और इंटरनेट के तारों से भी छुटकारा मिल सकता है।
इसरो के प्रमुख के. सिवन ने बताया कि जीसैट-11 भारत द्वारा निर्मित अब तक का सबसे भारी, सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली उपग्रह है। 5,854 किलो वजनी इस उपग्रह का जीवनकाल 15 साल है। इसको बनाने में करीब 500 करोड़ रुपये की लागत आई है।
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Internet speed
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माना जा रहा है कि अगले साल तक इंटरनेट की स्पीड और बढ़ सकती है। दरअसल, जीसैट-11 इसरो के इंटरनेट आधारित उपग्रह श्रृंखला का हिस्सा है और इसके तहत 18 महीने में चार उपग्रह भेजे जाने हैं। इनके माध्यम से कम रफ्तार इंटरनेट से परेशान देश के लोगों को 100 जीबी प्रति सेकेंड डाटा स्पीड मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है।