कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुई भयावह घटना को लेकर अभी भी देशभर में गुस्सा है। न्याय और कार्यस्थल की सुरक्षा की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर सड़कों पर हैं। वह करीब एक हफ्ते से अनशन पर बैठे हुए हैं। भूख हड़ताल पर बैठे एक डॉक्टर की हालत गंभीर है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एक डॉक्टर की हालत गंभीर
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डॉक्टर विरोध-प्रदर्शन करते हुए।
- फोटो : पीटीआई
रविवार से अनशन पर बैठे अनिकेत महतो की हालत खराब हो गई है। उन्हें गुरुवार रात आरजी कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि महतो के इलाज के लिए पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।
यह है भयावह घटना
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डॉक्टर विरोध-प्रदर्शन करते हुए।
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नौ अगस्त की वो भयावह सुबह कोई नहीं भूल सकता, जब कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की लाश मिली थी। जब मामला विवादों में आया, तो पता चला कि डॉक्टर के साथ दुष्कर्म हुआ था। यह मामला कोलकाता हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और फिर सीबीआई को इसकी जांच सौंप दी गई। घटना के लगभग दो महीने बाद महिला डॉक्टर को इंसाफ मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कलकत्ता पुलिस ने 10 अगस्त को संजय रॉय को गिरफ्तार किया था।
पांच डॉक्टरों की टीम कर रही इलाज
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डॉक्टर विरोध-प्रदर्शन करते हुए।
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अस्पताल की सीसीयू प्रभारी डॉ. (प्रोफेसर) सोमा मुखोपाध्याय ने कहा, 'महतो को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। उनकी हालत गंभीर है। उन्हें ऑक्सीजन दी गई। साथ ही अन्य जरूरी उपचार किया जा रहा है। उन्होंने पिछले कुछ दिनों से पानी तक नहीं पीया है। उनकी हालत स्थिर नहीं है। हम आशा करते हैं कि वह कुछ दिनों में सही हो जाएंगे। पांच लोगों की टीम उनका इलाज कर रही है।'
मांगे पूरी नहीं होने तक अनशन रहेगा जारी: देबाशीष हलदर
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मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में प्रदर्शन स्थल पर मौजूद एक अन्य जूनियर डॉक्टर देबाशीष हलदर ने बताया कि अनशन पर बैठे छह अन्य जूनियर डॉक्टरों की हालत खराब होने के संकेत हैं। उन्होंने कहा, 'हमने आईसीयू एंबुलेंस और अन्य जैसे सभी जरूरी सहायता को तैयार रखा है ताकि अगर किसी को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत हो तो हम उसकी देखभाल कर सकें।'
उन्होंने कहा कि जब तक राज्य सरकार डॉक्टरों की मांगों को पूरी नहीं कर देती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। एक अन्य स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो अन्य जूनियर चिकित्सकों की हालत बिगड़ गई है और वे भी अनशन पर हैं। उन्होंने कहा, 'हालात चाहे जो भी हों, हम अपनी भूख हड़ताल वापस नहीं लेंगे। अनशन तोड़ने को यह लोग तैयार नहीं है। कुछ अन्य लोग भी आज अनशन में शामिल हो सकते हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं अगर इन लोगों के साथ कुछ भी होता है, उसके लिए पूरी तरह से राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।'