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महाराष्ट्र की सरकारी बिजली कंपनियों का नहीं होगा निजीकरण: महावितरण का आएगा आईपीओ? मुख्यमंत्री ने क्या बताया?

Thu, 10 Sep 2026 01:22 AM IST
निर्मल कांत आईएएनएस, मुंबई।
आईएएनएस, मुंबई। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 10 Sep 2026 01:22 AM IST
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Maharashtra's state-run power firms won't be privatised, MSEDCL share sale in offing: Fadnavis
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। - फोटो : एएनआई (फाइल)
महाराष्ट्र की तीन सरकारी बिजली कंपनियों का निजीकरण नहीं होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में इन कंपनियों को निजी हाथों में नहीं दिया जाएगा। ये तीन कंपनियां हैं- महाट्रांसको, एमएसईडीसीएल यानी महावितरण और महाजेनको।
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सरकार का मुख्य लक्ष्य क्या है?
सरकार का मुख्य लक्ष्य महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) को कर्ज मुक्त बनाना है। इसके साथ ही कंपनी की काम करने की क्षमता बढ़ाई जाएगी। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवा देने पर भी जोर है।
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महावितरण पर कितना कर्ज है?
एमएसईडीसीएल पर अभी करीब 80,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। इस कर्ज पर कंपनी को बड़ी रकम ब्याज के रूप में देनी पड़ती है। सरकार ने एमएसईडीसीएल के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। कंपनी का आईपीओ लाने की दिशा में भी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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फडणवीस ने क्या कहा?
फडणवीस ने कहा, तीनों सरकारी बिजली कंपनियों का किसी भी हालत में निजीकरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह बात मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में महाराष्ट्र राज्य बिजली कर्मचारी, इंजीनियर और अधिकारी कार्रवाई समिति के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कही।

ये तीन कंपनियां कब बनी थीं?
बिजली बनाने, पहुंचाने और बांटने का काम इन तीन सरकारी कंपनियों के पास है। इन तीनों कंपनियों का गठन 2005 में हुआ था। उस समय महाराष्ट्र राज्य विद्युत बोर्ड यानी एमएसईबी का पुनर्गठन किया गया था। इसके बाद ये तीन अलग-अलग सरकारी कंपनियां बनाई गईं। 

कर्मचारियों के लिए क्या होगा?
सरकार बिजली कंपनियों के कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों को सुलझाने पर काम कर रही है। इनमें अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के मामले भी शामिल हैं। सरकार इन्हें कानून और प्रशासनिक नियमों के तहत सुलझाएगी।

ठेका कर्मचारियों के लिए क्या योजना है?
फडणवीस ने कहा कि एक समिति बनाई जाएगी। यह समिति 'हरियाणा मॉडल' का अध्ययन करेगी। इसका मकसद ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

महावितरण को कर्ज मुक्त क्यों करना है?
फडणवीस ने कहा कि सरकार का लक्ष्य महावितरण को कर्ज मुक्त बनाना है। कर्ज कम होने से कंपनी की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इससे कंपनी अपने पैसों और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर सकेगी। इसका फायदा उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवा के रूप में मिलेगा।

निजी कंपनियों से कैसे मुकाबला होगा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बिजली बांटने के क्षेत्र में समानांतर लाइसेंस देने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी बिजली कंपनियों को मजबूत करना जरूरी है। इससे वे निजी कंपनियों के साथ मुकाबला कर सकेंगी।

बिजली वितरण में क्या बदलाव होंगे?
सरकार बिजली वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है। सरकारी बिजली कंपनियों की काम करने की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

फ्रेंचाइजी मॉडल क्या है?
फडणवीस ने कहा कि फ्रेंचाइजी मॉडल को निजीकरण नहीं समझना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मॉडल के अच्छे नतीजे कुछ इलाकों में मिले हैं। इनमें भिवंडी, ठाणे जिले का मुंब्रा और नासिक जिले का मालेगांव शामिल हैं।

मालेगांव में क्या सुधार हुआ?
फडणवीस ने बताया कि मालेगांव में बिजली वितरण का नुकसान पहले 50 प्रतिशत से ज्यादा था। अब यह घटकर 36 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ खास इलाकों में सीमित तौर पर फ्रेंचाइजी मॉडल अपनाया जा सकता है।

महाराष्ट्र को कितनी ज्यादा बिजली चाहिए?
फडणवीस ने कहा कि अगले पांच साल में महाराष्ट्र को करीब 20,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता की जरूरत होगी। इस बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

महावितरण का आईपीओ क्यों खास है?
फडणवीस ने कहा कि अगर एमएसईडीसीएल का आईपीओ शेयर बाजार में आता है, तो यह देश की किसी सरकारी बिजली वितरण कंपनी का पहला आईपीओ होगा। आईपीओ के जरिए कंपनी की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश होगी।

आईपीओ से क्या फायदा होगा?
फडणवीस ने कहा कि कंपनी के पुनर्गठन से उसकी वित्तीय स्थिति और बैलेंस शीट मजबूत होगी। इससे करीब 33 हजार करोड़ रुपये की देनदारियों को संभालने के लिए पैसा जुटाने में मदद मिलेगी। आईपीओ से कंपनी में ज्यादा पारदर्शिता आएगी। वित्तीय अनुशासन और काम करने की क्षमता भी बेहतर होगी। इसके अलावा बिजली वितरण के क्षेत्र में निवेश के नए मौके बनेंगे।

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बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
फडणवीस की अध्यक्षता में एमएसईबी होल्डिंग कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक हुई। इसमें एमएसईडीसीएल के पुनर्गठन पर चर्चा हुई। कर्मचारियों की नियुक्तियों से जुड़े मुद्देंपनी की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर भी बात हुई। आईपीओ की तैयारी और भविष्य में किए जाने वाले सुधारों पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों की नियुक्तियों से जुड़े मुद्दे भी बैठक में उठे।

किन पदों पर नियुक्ति की बात हुई?
बैठक में एमएसईडीसीएल में वित्त निदेशक के पद पर नियुक्ति पर चर्चा हुई। क्षेत्रीय निदेशकों की नियुक्ति पर भी बात हुई। इसके अलावा एमएसईबी सोलर एग्रो पावर लिमिटेड में अलग-अलग पदों पर नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा हुई।

 
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