जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्व हालात बने हुए हैं। आज पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला किया। पाकिस्तान की इस नापाक हरकत के बाद भारती ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें वापस लौटने को मजबूर कर दिया। इस दौरान भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तानी विमान को भारत ने मार गिराया। यह विमान नौशेरा से तीन किलोमीटर दूर पाकिस्तान की ओर लाम घाटी में जा गिरा।
भारतीय सेना की ताकत हैं ये विध्वंसक हथियार, जिनसे खौफ खाता है पाकिस्तान
बता दें कि मंगलवार की सुबह भारतीय वायुसेना ने असैन्य कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी कैंपों पर हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया था। पाक की हरकत के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ी इस तल्खी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में उच्च स्तरीय बैठक हुई। जिसके बाद तीनों सेनाओं को अलर्ट पर रखा गया है। भारत पाकिस्तान से हमेशा ही ताकतवर रहा है। भारतीय सेना के पास ऐसे अत्याधुनिक हथियार हैं। जिनकी वजह से भारत को ग्लोबल पावर के तौर पर आंका जाता है। इस हालात पर हम आपको भारत की सैन्य शक्ति के कुछ ऐसे हथियारों से परिचित कराते हैं, जो युद्ध की स्थिति आने पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने की क्षमता रखते हैं...
सुखोई-30 (Su-30Mki) -
- इसकी लंबाई 21.93 मीटर
- चौड़ाई (विंग स्पान) 14.7 मीटर
- बगैर हथियार के इसका वजन 18 हजार चार सौ किलोग्राम
- हथियार के साथ इसका वजन 26 हजार किलोग्राम से अधिक
- रफ्तार 2100 किलोमीटर प्रति घंटा
- 3 हजार किलोमीटर तक की गहराई में जाकर हमला कर सकता है।
- इसमें दो शक्तिशाली इंजन मौजूद हैं।
- यह प्रतिकूल मौसम में उड़ान भरकर हवा से हवा सहित हवा से जमीन पर हमला करने में सक्षम है।
ब्रह्मोस मिसाइल-
भारतीय सेना के सबसे घातक हथियारों में एक है ब्रम्होस मिसाइल। इस मिसाइल को रूस और भारत ने मिलकर तैयार किया था। 2005 से इसे हमारी नौसेना में शामिल किया गया। सबसे ज्यादा सटीक वार करने वाली इस मिसाइल की मारक क्षमता 290 किलोमीटर है। सुपर सोनिक की स्पीड से यह मिसाइल अपने लक्ष्य तक 200 से 300 किलो तक विस्फोटक ले जाने में भी सक्षम है।
आईएएनएस चक्र-2 - परमाणु क्षमता युक्त रूस निर्मित पनडुब्बी आईएएनएस चक्र-2 नौसेना का बड़ा हथियार है। मूल रूप से 'के-152 नेरपा' नाम से निर्मित अकुला-2 श्रेणी की इस पनडुब्बी को रूस से एक अरब डॉलर के सौदे पर 10 साल के लिए लिया गया है। नौसेना में शामिल करने से पहले इसका नाम बदलकर आईएनएस चक्र-2 कर दिया गया। यह पनडुब्बी 600 मीटर तक पानी के अंदर रह सकती है। यह तीन महीने लगातार समुद्र के भीतर रह सकती है। नेरपा पनडुब्बी की अधिकतम गति 30 समुद्री मील है और ये आठ टॉरपीडो से लैस है।
टैंक टी-90 भीष्म-
टी-90 भीष्म दक्षिण एशिया के किसी भी सेना में मौजूद टैंकों में सबसे ज्यादा सक्षम टैंक है। 48000 किलो के वजनी इस टैंक में तीन जवान बैठकर किसी भी मु्श्किल एरिया में पहुंच सकता है। यह पांच मीटर तक गहरे पानी की को भी पार कर दुश्मन पर वार कर सकता है। टी-90 भीष्म में 125 एमएम की चार मशीन लगी होती हैं जिनकी मारक दूरी 10 किमी तक है। इसे 1993 में भारतीय सेना में शामिल गया। इस टैंक का प्रयोग रात के अंधेरे में भी किया जा सकता है, क्योंकि यह अंधेरे में देखने की तकनीक से लैस है। इसमें खतरे को भांपने वाले सिग्नल भी मौजूद हैं जो सैनिक को पहले ही आगाह कर देता है।