{"_id":"68d37f722b5cd6b35e0d5812","slug":"kolkata-receives-20-of-its-annual-rainfall-in-one-night-precarious-situation-ahead-of-durga-puja-2025-09-24","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Rain: कोलकाता में साल भर में होने वाली बारिश का 20% एक रात में बरसा, 10 की मौत; दुर्गा पूजा पंडाल के हाल-बेहाल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Rain: कोलकाता में साल भर में होने वाली बारिश का 20% एक रात में बरसा, 10 की मौत; दुर्गा पूजा पंडाल के हाल-बेहाल
Wed, 24 Sep 2025 10:49 AM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 24 Sep 2025 10:49 AM IST
सार
Kolkata Rains: पश्चिम बंगाल की राजधानी इन दिनों भारी के बाद जलभराव की समस्या से जूझ रही है। मौसम विभाग के अनुसार कोलकाता में सालाना होने वाली बारिश का 20% सिर्फ एक रात में बरस गया, जिससे हाल बेहाल है। भारी बारिश और जलभराव के कारण दुर्गा पूजा पंडालों में तमाम परेशानियां उत्पन्न हो गई हैं।
विज्ञापन
कोलकाता में बारिश से हाल बेहाल
- फोटो : ANI
Please wait...
कोलकाता ने सोमवार आधी रात से मंगलवार सुबह तक ऐसी बारिश देखी, जिसने पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सात घंटे में 252 मिमी बारिश हुई, जो शहर की सालाना औसत बारिश (1,345.5 मिमी) का करीब 20% है। तेज बारिश के कारण शहर के कई बड़े इलाकों को जलमग्न देखा गया। इस बारिश में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। मौसम के इस कहर से राज्य के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा पर भी संकट छा गया है।
जलभराव के बीच दुर्गा पंडाल में पहुंच रहे भक्त
- फोटो : ANI
बारिश का कहर- कौन-कौन से इलाके डूबे?
राजधानी कोलकाता में बारिश सोमवार आधी रात के करीब शुरू हुई और मंगलवार सुबह तक लगातार होती रही। सबसे ज्यादा बारिश वाले इलाकों की बात करें, तो इसमें गरिया- 332 मिमी, जोधपुर पार्क- 285 मिमी, कालीघाट- 280 मिमी, टॉस्पिया- 275 मिमी, बालीगंज- 264 मिमी, चेतला- 262 मिमी, मोमिनपुर- 234 मिमी, बेलेघाटा- 217 मिमी, धापा- 212 मिमी, अल्टाडांगा- 207 मिमी; शामिल हैं।
राजधानी कोलकाता में बारिश सोमवार आधी रात के करीब शुरू हुई और मंगलवार सुबह तक लगातार होती रही। सबसे ज्यादा बारिश वाले इलाकों की बात करें, तो इसमें गरिया- 332 मिमी, जोधपुर पार्क- 285 मिमी, कालीघाट- 280 मिमी, टॉस्पिया- 275 मिमी, बालीगंज- 264 मिमी, चेतला- 262 मिमी, मोमिनपुर- 234 मिमी, बेलेघाटा- 217 मिमी, धापा- 212 मिमी, अल्टाडांगा- 207 मिमी; शामिल हैं।
कोलकाता में बरिश ने तोड़े सभी रिकॉर्ड
- फोटो : ANI
पहले भी बारिश से बेहाल हुआ था कोलकाता
इस बारिश ने पुराने दिनों की याद दिला दी, तकरीबन ऐसी ही स्थिति साल 1978 में भी दुर्गा पूजा से पहले हुई 280 मिमी बारिश ने शहर को डुबो दिया था। जबकि 1986 में भी 259.5 मिमी की बारिश से कोलकाता बेहाल हुआ था।
इस बारिश ने पुराने दिनों की याद दिला दी, तकरीबन ऐसी ही स्थिति साल 1978 में भी दुर्गा पूजा से पहले हुई 280 मिमी बारिश ने शहर को डुबो दिया था। जबकि 1986 में भी 259.5 मिमी की बारिश से कोलकाता बेहाल हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
बारिश से कोलकाता बेहाल
- फोटो : ANI
क्या बादल फटने से आई तबाही?
कई लोगों ने भारी बारिश की घटना को बादल फटने से जोड़ा, लेकिन मौसम विभाग (आईएमडी) ने साफ किया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं हुई थी। बादल फटने की घटना होने के बाद एक घंटे में 100 मिमी से ज्यादा बारिश जरूरी होती है। कोलकाता में अधिकतम प्रति घंटे की बारिश 98 मिमी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना। यह सिस्टम गंगीय पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ा और भारी नमी लेकर आया। डॉप्लर रडार के अनुसार, बादल पांच से सात किमी की ऊंचाई तक बने हुए थे, जिससे लगातार तेज बारिश हुई।
25 सितंबर को भी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने कहा कि 25 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। हालांकि इसका असर ज्यादा ओडिशा और आंध्र प्रदेश पर होगा, लेकिन दक्षिण बंगाल में हल्की बारिश संभव है।
कई लोगों ने भारी बारिश की घटना को बादल फटने से जोड़ा, लेकिन मौसम विभाग (आईएमडी) ने साफ किया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं हुई थी। बादल फटने की घटना होने के बाद एक घंटे में 100 मिमी से ज्यादा बारिश जरूरी होती है। कोलकाता में अधिकतम प्रति घंटे की बारिश 98 मिमी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना। यह सिस्टम गंगीय पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ा और भारी नमी लेकर आया। डॉप्लर रडार के अनुसार, बादल पांच से सात किमी की ऊंचाई तक बने हुए थे, जिससे लगातार तेज बारिश हुई।
25 सितंबर को भी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने कहा कि 25 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। हालांकि इसका असर ज्यादा ओडिशा और आंध्र प्रदेश पर होगा, लेकिन दक्षिण बंगाल में हल्की बारिश संभव है।
विज्ञापन
बारिश में डूबा दुर्गा पूजा पंडाल
- फोटो : ANI
दुर्गा पूजा पंडालों के हाल बेहाल
राज्य का सबसे बड़ा त्योहार दुर्गा पूजा जारी है, लेकिन बारिश ने पूजा पंडालों के मुसीबत खड़ी कर दी है। कई समितियों ने पंडाल ऊंचे प्लेटफॉर्म पर लगा रहे हैं। इसके साथ ही तिरपाल और वॉटरप्रूफ सजावट की कोशिश की जा रही है। वहीं बिजली सुरक्षा को लेकर समितियां विशेष बैठक कर रही हैं ताकि शॉर्ट सर्किट से हादसे न हों। कोलकाता नगर निगम (केएमसी)ने जलभराव वाले इलाकों को खाली करने और नालियों को साफ रखने के लिए टीमें तैनात की हैं।
राज्य का सबसे बड़ा त्योहार दुर्गा पूजा जारी है, लेकिन बारिश ने पूजा पंडालों के मुसीबत खड़ी कर दी है। कई समितियों ने पंडाल ऊंचे प्लेटफॉर्म पर लगा रहे हैं। इसके साथ ही तिरपाल और वॉटरप्रूफ सजावट की कोशिश की जा रही है। वहीं बिजली सुरक्षा को लेकर समितियां विशेष बैठक कर रही हैं ताकि शॉर्ट सर्किट से हादसे न हों। कोलकाता नगर निगम (केएमसी)ने जलभराव वाले इलाकों को खाली करने और नालियों को साफ रखने के लिए टीमें तैनात की हैं।
#WATCH पश्चिम बंगाल: कोलकाता में पद्दपुकुर युवा संघ द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा पंडाल क्षतिग्रस्त हो गया, क्योंकि शहर में भारी बारिश के कारण गंभीर जलभराव हो गया। pic.twitter.com/LGIejYLm42
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 24, 2025