"प्रिय नरेंद्र मोदी जी अगर आप मेरी आवाज नहीं सुनेंगे तो कृपया मुझे सेलिब्रेट मत कीजिए अपनी पहल #SheInspiresUs के तहत मुझे कई प्रेरणादायी महिलाओं में शामिल करने के लिए शुक्रिया। कई बार सोचने के बाद मैंने यह सम्मान ठुकराने का फैसला किया है जय हिंद!"
#SheInspiresUs: विश्व बाल शांति पुरस्कार विजेता लिसिप्रिया ने ठुकराया पीएम मोदी का सम्मान
इसी क्रम में @mygovindia से ट्वीट किया गया कि ''लिसिप्रिया एक पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। साल 2019 में उन्हें डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम चिल्ड्रेन अवॉर्ड, विश्व बाल शांति पुरस्कार और भारत शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। क्या आप उन जैसी किसी को जानते हैं? #SheInspiresUs हैशटैग के साथ हमें बताइए।''
Dear @narendramodi Ji,
भारत सरकार के इस ट्वीट के जवाब में लिसिप्रिया ने शुक्रिया तो कहा लेकिन यह सम्मान स्वीकार करने से इनकार कर दिया। वो यहीं नहीं रुकीं बल्कि उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट किए।
Please don’t celebrate me if you are not going to listen my voice.
Thank you for selecting me amongst the inspiring women of the country under your initiative #SheInspiresUs. After thinking many times, I decided to turns down this honour. 🙏🏻
Jai Hind! pic.twitter.com/pjgi0TUdWa
उन्होंने लिखा, "प्रिय नेताओं और राजनीतिक पार्टियों, मुझे इसके लिए तारीफ़ नहीं चाहिए. इसके बजाय अपने सांसदों से कहिए कि मौजूदा संसद सत्र में मेरी आवाज़ उठाएं। मुझे अपने राजनीतिक लक्ष्य और प्रोपेगैंडा साधने के लिए कभी इस्तेमाल मत कीजिएगा. मैं आपके पक्ष में नहीं हूं।''
Dear brothers/ sisters/ Sir/ Madam,
— Licypriya Kangujam (@LicypriyaK) March 7, 2020
Stop all propaganda to bully me. I’m not against anyone. I just wants system change, not climate change.
I don’t expect anything from anyone except I want our leaders to listen my voice.
I believe my rejection will helps to listen my voice.
आपके सांसद न सिर्फ गूंगे बल्कि बहरे और अंधे भी हैं
लिसिप्रिया ने #ClimateCrisis हैशटैग के साथ एक अन्य ट्वीट में लिखा, "आपके सांसद न सिर्फ गूंगे बल्कि बहरे और अंधे भी हैं। ये पूरी असफलता है। अभी कार्रवाई कीजिए।" लिसिप्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सासंदों से जलवायु परिवर्तन कानून बनाए जाने की मांग कर रही हैं।
Your MPs also dumb, deaf and blind. Nothing more or less by Government ruling MPs. This is complete failure. Act Now. #ClimateCrisis
— Licypriya Kangujam (@LicypriyaK) March 7, 2020
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
लिसिप्रिया के ऐसे कड़े रुख पर सोशल मीडिया में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग उनके 'बोल्ड' जवाब के लिए उनकी तारीफ कर रहे हैं तो कुछ कह रहे हैं कि उन्हें गुमराह किया गया है।
कुछ लोग इस बात पर भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या ये ट्वीट वाकई उन्होंने ही किए हैं? क्योंकि जो बातें उन्होंने लिखी हैं, उनकी उम्र उस लिहाज से बहुत कम है। लिसिप्रिया के ट्विटर हैंडल पर स्पष्ट लिखा है कि उनका अकाउंट गार्डियन (अभिभावक) के द्वारा मैनेज किया जाता है। कुछ लोग लिसिप्रिया को ये कहते हुए ट्रोल कर रहे हैं कि उन्होंने भारत सरकार के प्रस्ताव का अपमान किया है।
सोशल मीडिया पर जारी हलचल के बीच लिसिप्रिया ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा "प्रिय भाइयों, बहनों, मैडम मुझे बुली करना और अपना प्रोपोगेंडा बंद कीजिए। मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं। मैं सिस्टम में चेंज चाहती हूं न कि क्लाइमेट में चेंज। मैं किसी से कोई उम्मीद नहीं रखती। मैं सिर्फ ये चाहती हूं कि हमारे नेता मेरी आवाज सुनें। मुझे यकीन है कि मेरी अस्वीकृति मेरी आवाज को सुने जाने में मदद करेगी।
Dear brothers/ sisters/ Sir/ Madam,
— Licypriya Kangujam (@LicypriyaK) March 7, 2020
Stop all propaganda to bully me. I’m not against anyone. I just wants system change, not climate change.
I don’t expect anything from anyone except I want our leaders to listen my voice.
I believe my rejection will helps to listen my voice.
लिसिप्रिया की तुलना अक्सर स्वीडिश पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग से की जाती है। हालांकि लिसिप्रिया को ये तुलना नहीं पसंद है. वो ज़ोर देकर कहती हैं कि उनकी अपनी पहचान है। लिसिप्रिया ने ट्विटर पर खुद को 'एक बेघर बाल पर्यावरण कार्यकर्ता' बताया है।
Dear Media,
Stop calling me “Greta of India”. I am not doing my activism to looks like Greta Thunberg. Yes, she is one of our Inspiration & great influencer. We have common goal but I have my own identity, story. I began my movement since July 2018 even before Greta was started. pic.twitter.com/3UEqCVWYM8
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिनों पहले ट्वीट करके कहा था कि वो अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर वो अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स उन महिलाओं को समर्पित करेंगे जिनका जीवन और काम सबको प्रेरित करता है।
उन्होंने ट्वीट किया था, "इस महिला दिवस पर मैं अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट उन महिलाओं को समर्पित करूंगा जिनकी ज़िंदगी और काम हम सभी को प्रेरित करता है। यह लाखों लोगों को प्रेरित करने का काम करेगा।''
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा था, "क्या आप ऐसी महिला हैं या क्या ऐसी किसी प्रेरित करने वाली महिला के बारे में जानते हैं? #SheInspiresUs का इस्तेमाल कर ऐसी कहानियां साझा करें।