देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में यात्रियों की भीड़ बसों से लेकर ट्रेन में बढ़ गई है। महीनों पहले बुक किए गए ट्रेन टिकट अभी भी कंफर्म नहीं हुए है। अगर आप भी टिकट कंफर्म नहीं होने से परेशान है तो फिर ये खबर आपके काम की है। आइए जानते हैं वेटिंग टिकट को कन्फर्म करने के क्या-क्या तरीके हैं, ताकि यात्रियों को ट्रेन में सफर के दौरान कोई परेशानी न हों।
ऐसे स्टेशन से बनाए ट्रेन टिकट
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ट्रेन
- फोटो : Adobe Stock
भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए विभिन्न प्रकार के वेटिंग टिकट जारी करता है। इसमें मुख्य रूप से जनरल वेटिंग लिस्ट, रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट और तीसरा पुल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट होता है। इसके अलावा तत्काल वेटिंग टिकट भी रेलवे द्वारा जारी किया जाता है। जनरल वेटिंग टिकट उन स्टेशनों से जारी किए जाते हैं, जहां से ट्रेन अपना सफर शुरू करती है। इसके बाद रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट टिकट आता है। यह वेटिंग टिकट उन यात्रियों को दिया जाता है जो ट्रेन के चलने के बाद रास्ते के किसी बड़े स्टेशन से गाड़ी में सवार होते हैं। इसके बाद पूल्ड कोटा का वेटिंग टिकट यात्रियों को दिया जाता है। लेकिन इन सब में अहम ये है कि जब भी आप त्योहारी सीजन में टिकट बुक करे तो हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि वहां से ट्रेन टिकट बुक करें जहां से ट्रेन अपना सफर शुरु करती है। क्योंकि रेलवे त्योहारों में कई स्पेशल ट्रेनें चलती है, इससे टिकट कन्फर्म होने की उम्मीद काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
इसलिए एटीएएस विकल्प हमेशा चुने
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मीटर गेज ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे ने ट्रेन बुकिंग के प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ट्रेन ऑल्टरनेट अकोमोडेशन स्कीम (एटीएएस) की शुरुआत की। दरअसल, यात्री टिकट बुक करते समय सभी ट्रेन की सीट चेक करते हैं, लेकिन किसी में कंफर्म सीट नहीं होती है तो यात्रियों को मजबूरन वेटिंग टिकट लेनी पड़ती है। कई बार टिकट कैंसिल भी हो जाती है। ऐसे में यदि आप टिकट बुकिंग के दौरान एटीएएस के विकल्प का चयन करेंगे, तो आपको दूसरे ट्रेन में सीट कंफर्म की सुविधा मिल जाएगी। यह सुविधा एटीएएस में उपलब्ध है।
दरअसल,ऑनलाइन ट्रेन की टिकट बुक करते समय एटीएएस विकल्प का सुझाव मिलता है। इसमें यात्री सात ट्रेनों को सिलेक्ट कर सकते है। जो उसी रूट पर चलती है। ऐसे में जिस ट्रेन में सीट बुक की है, उसमें कंफर्म सीट नहीं है तो दूसरी ट्रेन में कंफर्म सीट मिल जाएगी। इतना ही नहीं, अगर आप वेटिंग टिकट लेते हैं, तो एटीएएस नोटिफिकेशन भेजकर आपको जानकारी देगा कि किस ट्रेन में कंफर्म सीट उपलब्ध है। इस सूचना के बाद आप अपनी वेटिंग टिकट को दूसरे ट्रेन में ट्रांसफर कर सकते हैं, जिससे आपको आसानी से सीट मिल सकती है।
करंट टिकट का भी ले सकते है सहारा
रेलवे ने ट्रेन के अंदर कोई भी सीट खाली न रह जाए इसके लिए करंट टिकट बुकिंग सर्विस शुरू की है। ट्रेन के खुलने से पहले करंट टिकट जारी किए जाते हैं। क्योंकि कई बार ट्रेनों में एसी और स्पीलर कोच की सीट खाली रह जाती हैं ऐसे में इन्हीं सीटों को भरने के लिए करंट टिकट की सुविधा दी गई हैं। यात्री करंट टिकट की बुकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से करा सकते हैं। ट्रेन के खुलने से 3-4 घंटे पहले आईआरसीटीसी की ऑफिशियल वेबसाइट पर या रेलवे टिकट रिजर्वेशन बुकिंग काउंटर से करंट टिकट की उपलब्धता को देख सकते हैं। आम तौर पर करंट टिकट की बुकिंग ट्रेन के रवाना होने से चार घंटे पहले शुरू हो जाती है। करंट टिकट ट्रेन में बर्थ खाली रहने पर ही मिलता है।
तत्काल के लिए अपनाएं ये तरीका
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ट्रेन में तत्काल बुकिंग एक ऐसी सुविधा है जो यात्रियों को ट्रेन जर्नी से एक दिन पहले टिकट बुक कर सकते हैं। हालांकि, तत्काल बुकिंग के तहत सीटों की संख्या कम होती हैं। यही वजह है कि इसका किराया ज्यादा होता है और टिकट के लिए मारा-मारी होती है। तत्काल टिकट ट्रेन के खुलने से एक दिन पहले बुक किया जा सकता है। एसी क्लास के लिए बुकिंग सुबह दस बजे और नॉन-एसी क्लास के लिए सुबह 11:00 बजे टिकट विंडो खुलती है। तत्काल टिकट में एसी क्लास की टिकट बुकिंग करने के लिए यूजर्स को सुबह 9:45 बजे तक लॉग इन करना चाहिए। क्योंकि एसी क्लास (जैसे, 1ए, 2ए, 3ए, सीसी, ईसी) के लिए तत्काल बुकिंग सुबह दस बजे शुरू होती है।