न्यूज डायरी: छत्तीसगढ़ पीएससी पेपर लीक में एडिशनल कलेक्टर गिरफ्तार; बाबा बागेश्वर को सीएम शुभेंदु ने दिया जवाब
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया को लोक सेवा आयोग (पीएससी) पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत की। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए इस घोटाले के सिलसिले में ईडी ने गिरफ्तारी से पहले बोरघरिया से पूछताछ की। एजेंसी का आरोप है कि बोरघरिया ने सवालों के जवाब देने में टालमटोल किया। बोरघरिया 2019-22 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दफ्तर में विशेष कार्याधिकारी (ओेएसडी) के तौर पर तैनात थे। एक सितंबर को ईडी ने बलरामपुर और धमतरी में उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। एजेंसी का दावा है कि सीजीपीएससी 2021 परीक्षा के उम्मीदवारों ने लीक हुए प्रश्न पत्र पाने के लिए कम से कम 3.2 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। ज्यादातर रकम नकद में दी गई थी। एजेंसी का आरोप है कि बोरघरिया के बैंक रिकॉर्ड और जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस से उसके और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच लेन-देन का पता चला है। सीबीआई ने इस मामले में 2023 रिपोर्ट दर्ज की थी। गिरफ्तारी शुक्रवार को हुई।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मछली भोग खाकर बागेश्वर बाबा को दिया जवाब
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार को लेकर छिड़े विवाद के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कालीघाट मंदिर में मछली का भोग ग्रहण किया। बृहस्पतिवार शाम मंदिर पहुंचे अधिकारी ने पूजा-अर्चना के बाद मछली का सिर, तली हुई मछली और बसंती पुलाव प्रसाद के रूप में खाया। यह घटनाक्रम बागेश्वर धाम के प्रमुख पुजारी धीरेंद्र शास्त्री के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान बंगाली हिंदुओं से मांसाहार छोड़ने की अपील की थी।