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हवा में कामोव-31 बनेगा भारतीय नौसेना की आंख, दुश्मन पर सटीक निशाना लगाने में है माहिर
Fri, 03 May 2019 05:44 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 03 May 2019 05:44 PM IST
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कामोव-31
- फोटो : भारतीय नौसेना
भारत ने रूस के साथ 10 कामोव-31 हेलीकॉप्टर का सौदा किया है। इस रक्षा सौदे की राशि 3500 करोड़ रुपये है। वजन में हल्के और दुश्मनों की टोह लेने में माहिर ये हेलीकॉप्टर नौसेना की आंख माना जाता है। जानिए यहां इससे जु़ड़ी ये खास बातें:
कामोव-31
- फोटो : भारतीय नौसेना
रूसी नौसेना के लिए विकसित सैन्य हेलीकॉप्टर कामोव 31 वर्तमान में रूस के अलावा चीन और भारत की नौसेना में शामिल है। कमोव केए-31 का एयरफ्रेम कामोव केए-27 पर आधारित है।
कामोव-31
- फोटो : भारतीय नौसेना
इस हेलीकॉप्टर का नाटो नाम हेलिक्स है। इसमें प्रारंभिक चेतावनी रडार लगा हुआ है। जिसमें चालक दल के दो सदस्य होते हैं। यह हेलीकॉप्टर 12200 किलोग्राम के अधिकतम वजन के साथ उड़ान भर सकता है।
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कामोव-31
- फोटो : Social Media
भारतीय नौसेना ने 1 अगस्त 1999 को चार कामोव-31 हेलीकॉप्टर को लिए ऑर्डर दिया था। फरवरी 2001 को इस डील में पांच अन्य हेलीकॉप्टरों को शामिल किया गया। रूस के साथ हुई इस डील की कुल कीमत 20 मिलियन थी।
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कामोव-31
- फोटो : Social Media
भारतीय नौसेना के लिए बनाए गए पहले कामोव-31 हेलीकॉप्टर ने 16 मई 2001 को पहली उड़ान भरी। नौ कामोव-31 हेलीकॉप्टरों में से पहले दो ने मास्को के पास कामोव के चेलकोवस्की हवाई क्षेत्र में अपना परीक्षण पूरा किया।