2019 लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के लिए 6 मई को मतदान होगा। बिहार की 5 सीटों पर वोटिंग होगी। ये हाई-प्रोफाइल सीटें- हाजीपुर, सारण, मुजफ्फरपुर, मधुबनी और सीतामढ़ी हैं। इन पांचों सीटों पर कुल मतदाता 87,10,054 हैं। पुरुष मतदाताओं की संख्या 46,42,189 और महिला मतदाताओं की संख्या 40,67,612 है। इन सीटों से राजीव प्रताप रूढ़ी से लेकर अजय निषाद, डॉ. शकील अहमद, पशुपति कुमार पारस, चंद्रिका राय और अशोक यादव जैसे दिग्गजों की किस्मत दांव पर है। इन पांचों लोकसभा सीटों के बारे में कहा जाता है कि यहां जातीय समीकरण विकास पर भारी है। जिसने जाति को साध लिया, समझिए उसकी जीत पक्की है। आइए विस्तार से इन सीटों के जातीय समीकरण और सियासी इतिहास के साथ ही चुनावी मुद्दों पर एक नजर डालते हैं....
6 मई को बिहार की इन 5 हाई-प्रोफाइल सीटों पर वोटिंग, जातीय समीकरण 'विकास' पर भारी
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सारण में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी राजीव प्रताप रूढ़ी की किस्मत दांव पर लगी है। महागठबंधन के चंद्रिका राय, रूढ़ी को चुनौती देने के लिए मैदान में हैं। इस लोकसभा क्षेत्र को यादवों और राजपूतों का गढ़ माना जाता है। जो उम्मीदवार यहां जातीय समीकरण साधने में कामयाब रहा, समझो उसकी जीत पक्की है। सारण सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 16, 61,620 है। इनमें से पुरुष मतदाताओं की संख्या 891479 है जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 770114 है। यहां 25 फीसदी यादव, 23 फीसदी राजपूत, 20 फीसदी वैश्य, 13 फीसदी मुस्लिम और छह फीसदी से ज्यादा बाकी सवर्ण जातियां हैं।
मधुबनी में चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय है। यहां एनडीए ने भाजपा के अशोक यादव को मैदान में उतारा है। जबकि महागठबंधन से बद्री पूर्व मैदान में हैं। कांग्रेस से पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद इस सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। अशोक यादव यहां के वर्तमान सांसद हुकुमदेव नारायण के बेटे हैं और विधायक भी रहे हैं। मुख्य लड़ाई एनडीए और महागठबंधन के बीच है। यहां कुल मतदाता 17,65,695 हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 931919 और महिला मतदाताओं की संख्या 833709 है।