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राजनीति में कब-कब बंधक बनाए गए हैं विधायक, ये रहे दिलचस्प किस्से

Wed, 15 Feb 2017 04:32 PM IST
बीबीसी हिंदी. कॉम के लिए
बीबीसी हिंदी. कॉम के लिए Updated Wed, 15 Feb 2017 04:32 PM IST
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How often held hostage by legislators created
अन्नाद्रमुक महासचिव वीके शशिकला को पांच फरवरी को विधायक दल का नेता चुना गया था जिसके बाद उनका तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया था। मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा दे दिया जिसे स्वीकार कर राज्यपाल ने उन्हें नई व्यवस्था होने तक काम करते रहने को कहा।


लेकिन पनीरसेल्वम ने आठ फरवरी को बगावत का बिगुल फूंक दिया और कहा कि उनसे दबाव देकर इस्तीफा लिया गया। इस बगावत से डरकर शशिकला ने अन्नाद्रमुक के एक सौ से अधिक विधायकों को चेन्नई के पास एक रिसॉर्ट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में रखा। यह पहला मामला नहीं है कि समर्थन जुटाने या सरकार बचाने के लिए विधायकों को ऐसे किसी सुरक्षित स्थान पर रखा गया हो।
 

2010 - कर्नाटक

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साल 2008 में भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक में बीएस येदुरप्पा के नेतृत्व में सरकार बनाई जो दक्षिण भारत में पार्टी की पहली सरकार थी। अक्तूबर 2010 में उनके19 विधायकों ने बगावत कर दी जिससे सरकार अल्पमत में आ गई। समर्थन वापस लेने के बाद ये विधायक गोवा चले गए, जहाँ वो एक पांच सितारा होटल में रुके। वहां उन्हें मनाने के लिए सरकार और विपक्ष के नेता पहुंचे थे।

2012 - उत्तराखंड

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उत्तराखंड में 2012 में हुए चुनाव में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 70 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा को 31, कांग्रेस को 32 और सात सीटें निर्दलीय और बसपा को मिली थीं। सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को 36 विधायकों की दरकार थी।

भाजपा को डर था कि उसके विधायकों की खरीद-फरोख्त हो सकती है। इससे बचने के लिए भाजपा ने 30 अपने और दो निर्दलीय विधायकों को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचा दिया। वहां उन्हें भाजपा और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पदाधिकारियों की देख-रेख में रखा गया। उस साल कांग्रेस ने बसपा विधायकों के सहयोग से उत्तराखंड में सरकार बना ली।
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2016 - उत्तराखंड

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राज्य में हरीश रावत की सरकार उस समय संकट में आ गई, जब पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नेतृत्व में नौ विधायकों ने भाजपा की शह पर बगावत कर दी। मामला हाई कोर्ट से होता हुआ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अदालत ने हरीश रावत को 10 मई 2016 को विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा और बागी विधायकों को मतदान देने से रोक दिया।

इसके बाद विधायकों को किसी तरह की खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए कांग्रेस और रावत सरकार को समर्थन दे रहे अन्य विधायकों को मसूरी के एक होटल में रखा गया। वहीं खबरों के मुताबिक़ भाजपा ने कांग्रेस के बागी विधायकों के साथ-साथ अपने विधायकों को गुड़गांव के एक फाइव स्टार होटल में रखा।
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2016 - राजस्थान राज्यसभा चुनाव

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राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटों के लिए 2016 में चुनाव हुआ था। चुनाव के दौरान किसी खरीद फरोख्त से बचाने के लिए भाजपा ने जून 2016 में अपने सभी 164 विधायकों को राजधानी जयपुर के एक होटल में रखा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए होटल में जैमर तक लगा दिया गया था। हालांकि भाजपा ने इसे चुनाव से पहले विधायकों को प्रशिक्षण देने के लिए लगाया गया शिविर बताया।
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