Viral Jokes: जिस तरह हम रोज काम करते हैं और वो चीजें करते हैं, जो हमारे लिए जरूरी है। इसी तरह हमें अपने दिनचर्या में एक आदत और डाल लेनी चाहिए और वह है हंसने की। आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव ने हमारे दिमाग को इस कदर घेर लिया है कि हम कई दिनों तक खुलकर नहीं हंसते हैं। हालांकि, हमें 24 घंटे में एक घंटा अपने लिए निकालना चाहिए और जोक्स या फिर चुटकुले पढ़कर अपने दिमाग को तरोताजा करना चाहिए। हंसना न केवल हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है बल्कि हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद है। इसी कारण हम आपके लिए कुछ मजेदार और वायरल चुटकुले लेकर आए हैं, जिन्हें पढ़कर आप हंस-हंसकर लोटपोट हो जाएंगे। आइए पढ़ते हैं।
Viral Jokes: साली- आपकी बीवी आपको रोज डांटती क्यों है? जीजा जी का जवाब सुनकर नहीं कंट्रोल होगी हंसी
Viral Jokes: जिस तरह हम रोज काम करते हैं और वो चीजें करते हैं, जो हमारे लिए जरूरी है। इसी तरह हमें अपने दिनचर्या में एक आदत और डाल लेनी चाहिए और वह है हंसने की। आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव ने हमारे दिमाग को इस कदर घेर लिया है कि हम कई दिनों तक खुलकर नहीं हंसते हैं।
साली: जीजा जी, आप रोज हमारी दीदी को इतना प्यार कैसे कर लेते हो?
जीजा: शादी के टाइम वचन दिया था कि सुख-दुख में साथ निभाऊंगा।
साली: तो?
जीजा: अब रोज दुख दूं या रोज प्यार करूं, यह तो मेरी मर्जी।
साली: जीजा जी, आपकी बीवी आपको रोज डांटती क्यों है?
जीजा: क्योंकि मैं कभी पलटकर जवाब नहीं देता।
साली: क्यों?
जीजा: तुम्हारी दीदी से ज्यादा मेरी जिंदगी प्यारी है।
रामू: पासबुक!
टीचर: क्यों?
रामू: क्योंकि इसमें पैसे कम-ज्यादा होते रहते हैं।
टीचर: बेटा, सबसे ईमानदार कौन होता है?
गोलू: गरीब आदमी
टीचर: वो क्यों?
गोलू: क्योंकि उसके पास बेईमानी करने के लिए कुछ होता ही नहीं।
टीचर: पढ़ाई पर ध्यान दो, जिंदगी संवर जाएगी।
स्टूडेंट: आपकी तो पहले से संवरी हुई थी, फिर क्यों पढ़ाई की?
टीचर: परीक्षा में नकल करते पकड़े गए, शर्म नहीं आई?
स्टूडेंट: जब आप 20 साल से वही सवाल पूछ रहे हैं, तो हमें भी शर्म नहीं आई।
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)