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किसान आंदोलन : देश भर में अब छह फरवरी को तीन घंटे चक्का जाम करेंगे किसान, सरकार को झुकाने की ललकार
Tue, 02 Feb 2021 10:38 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 02 Feb 2021 10:38 AM IST
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किसान आंदोलन में शामिल किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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ट्रैक्टर परेड के बाद से कुछ शांत दिख रहे किसानों ने आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाई है। किसानों ने 6 फरवरी को देश भर में तीन घंटे के लिए चक्का जाम करने का एलान किया है। इसमें नेशनल और स्टेट हाईवे को दोपहर 12 से 3 बजे तक जाम रखा जाएगा। इससे सरकार को बताया जा सके कि किसान किसी भी तरह से कमजोर नहीं है। वहीं किसान एकता मोर्चा का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड करने पर नेताओं ने रोष जताया और इसे भी आंदोलन को दबाने की सरकार की साजिश बताया।
धरने पर बैठे किसान।
- फोटो : अमर उजाला
कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त मोर्चा की बैठक के बाद किसान नेताओं बलबीर सिंह राजेवाल, योगेंद्र यादव, डॉ. दर्शनपाल, गुरनाम सिंह चढूनी, प्रेम सिंह पंघू और परमेंद्र मान ने बताया कि किसानों के साथ जिस तरह से अत्याचार दिल्ली पुलिस और सरकार कर रही है, वह सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान मोर्चा उसके विरोध में छह फरवरी को चक्का जाम करेगा। ताकि सरकार को किसानों की ताकत का पता चले और वह किसानों की बात सुने।
धरने में शामिल किसान।
- फोटो : अमर उजाला
किसान नेताओं ने कहा कि लगातार युवाओं से मारपीट हो रही है और 26 जनवरी को जितने वाहन जब्त किए हैं, इनके बारे में कुछ नहीं बताया जा रहा है। बल्कि सरकार सड़क खोदने के साथ गलियों के भी रास्ते बंद कर रही है। धरने पर पानी और बिजली की व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है। ट्विटर इंडिया ने किसान एकता मोर्चा के ट्विटर अकाउंट के साथ-साथ ट्रैक्टर टू ट्विटर और अन्य कई लोगों के पर्सनल अकाउंट बंद कर दिए हैं। यह सबकुछ सरकार के कहने पर किया जा रहा है, जिससे किसानों के आंदोलन को दबाया जा सके। किसान नेताओं ने कहा कि ऐसे माहौल में किसानों की सरकार से बातचीत का कोई औचित्य नहीं बनता है।
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धरने में शामिल महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
पीएम नरेंद्र मोदी ने दो दिन पहले बयान दिया था, वह भी एक जुमला ही निकला। अगर सरकार की नीयत सही होती तो वह चर्चा आगे बढ़ाने का प्रयास करती। लेकिन सरकार ने जिस तरह से बजट में किसान और खेती की अनदेखी करके पूंजीपतियों पर फोकस कर दिया, वह बेहद निराशाजनक है। योगेंद्र यादव ने कहा कि पिछली बार कुल बजट का 5.1 प्रतिशत कृषि के लिए था जो इस बार 4 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया। इसी तरह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए पिछली बार 75 हजार करोड़ रुपये जारी किए गए जो इस बारा घटाकर 65 हजार करोड़ कर दिया गया।
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धरने में जाते किसानों पर फूल बरसाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस कस्टडी में 122 तो 43 युवा जेल में बंद
किसान नेताओं ने बताया कि अब तक उनके पास जितनी अधिकारिक जानकारी आई है। उसके अनुसार 122 किसानों के विभिन्न थानों में होने की बात कही गई है। वहीं 43 युवा जेल में होने की बात सामने आई है। इसके अलावा भी बहुत सारे युवा और किसान लापता हैं, इनके बारे में पता कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम को अब मन की नहीं, बल्कि जन की बात सुननी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को लगता था कि आंदोलन को कुचल देंगे, लेकिन अब यह आंदोलन तेजी से बढ़ रहा है। इसमें राजस्थान से बड़ी संख्या में मीणा और गुर्जर समाज पंचायत करके समर्थन में आ रहे हैं।
किसान नेताओं ने बताया कि अब तक उनके पास जितनी अधिकारिक जानकारी आई है। उसके अनुसार 122 किसानों के विभिन्न थानों में होने की बात कही गई है। वहीं 43 युवा जेल में होने की बात सामने आई है। इसके अलावा भी बहुत सारे युवा और किसान लापता हैं, इनके बारे में पता कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम को अब मन की नहीं, बल्कि जन की बात सुननी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को लगता था कि आंदोलन को कुचल देंगे, लेकिन अब यह आंदोलन तेजी से बढ़ रहा है। इसमें राजस्थान से बड़ी संख्या में मीणा और गुर्जर समाज पंचायत करके समर्थन में आ रहे हैं।