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किसान महापड़ाव: अन्नदाताओं ने की पक्के मोर्चे की तैयारी, धरनास्थल पर लगे टेंट, लगातार चल रहा लंगर
Wed, 08 Sep 2021 05:58 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 08 Sep 2021 05:58 PM IST
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करनाल में किसानों का प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
नवंबर 2020 में जैसे किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर धरना देते हुए डेरा जमाया था। वैसे ही सोमवार रात से किसान करनाल के लघु सचिवालय के बाहर डट गए हैं। किसानों पर लाठी चलाने का आदेश देने वाले एसडीएम पर कार्रवाई की मांग कर रहे किसान मांगें न पूरी होने पर पक्के मोर्चे की तैयारी में हैं। सोमवार रात सड़क पर दरी बिछा कर सोए किसानों ने मंगलवार सुबह सचिवालय रोड पर टेंट लगाने शुरू कर दिए। वहीं किसानों की इस तैयारी को देख लोगों के मन में चिंता बढ़ गई है कि कहीं दिल्ली की सीमाओं की तरह सचिवालय रोड पर भी किसानों का जमावड़ा न हो जाए।
करनाल में किसानों ने धरनास्थल पर लगाए टेंट।
- फोटो : अमर उजाला
अगर बंद हुई सड़क तो प्रभावित होगा सरकारी और गैर-सरकारी कामकाज
अगर किसानों ने सेक्टर-12 रोड को लंबे समय तक के लिए बंद रखा तो इससे लोगों का न केवल सरकारी बल्कि गैर सरकारी काम काज भी प्रभावित होगा। क्योंकि सचिवालय के अंदर स्थित 40 विभागों के कार्यालयों के अलावा सेक्टर-12 के 20 से ज्यादा बैंक, 15 से ज्यादा बीमा कंपनियों और 30 से ज्यादा अन्य निजी कार्यालय, इसी रोड पर स्थित हैं। यहां हजारों लोग कामकाज के लिए आते हैं।
अगर किसानों ने सेक्टर-12 रोड को लंबे समय तक के लिए बंद रखा तो इससे लोगों का न केवल सरकारी बल्कि गैर सरकारी काम काज भी प्रभावित होगा। क्योंकि सचिवालय के अंदर स्थित 40 विभागों के कार्यालयों के अलावा सेक्टर-12 के 20 से ज्यादा बैंक, 15 से ज्यादा बीमा कंपनियों और 30 से ज्यादा अन्य निजी कार्यालय, इसी रोड पर स्थित हैं। यहां हजारों लोग कामकाज के लिए आते हैं।
लंगर के लिए आए ब्रेड।
- फोटो : अमर उजाला
किसी ने माइक से रखे विचार तो किसी ताश खेल उतारी थकान
रात करीब साढ़े 12 बजे भी माइक ऑन रहा। यहां अलग-अलग किसान नेता अपने विचार रखते रहे। किसान नेताओं ने बुजुर्ग किसानों के हौसले को नमन किया, जिन्होंने दिनभर महापंचायत में हिस्सा लिया और सचिवालय के लिए कूच में भी वे आगे रहे। इधर, दरियों पर बैठे कुछ किसान ताश खेलते दिखे।
रात करीब साढ़े 12 बजे भी माइक ऑन रहा। यहां अलग-अलग किसान नेता अपने विचार रखते रहे। किसान नेताओं ने बुजुर्ग किसानों के हौसले को नमन किया, जिन्होंने दिनभर महापंचायत में हिस्सा लिया और सचिवालय के लिए कूच में भी वे आगे रहे। इधर, दरियों पर बैठे कुछ किसान ताश खेलते दिखे।
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करनाल में किसानों का प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
लगातार चला लंगर
प्रदर्शन में आए किसानों के लिए लगातार लंगर भी चलाया गया। किसानों और पुलिस बल के लिए निर्मल कुटिया गुरुद्वारा से लंगर लाया गया। वहीं सेक्टर-12 स्थित जिला सचिवालय के बाहर तैनात सुरक्षा बल के लिए एंबुलेंस में केले लाए गए।
प्रदर्शन में आए किसानों के लिए लगातार लंगर भी चलाया गया। किसानों और पुलिस बल के लिए निर्मल कुटिया गुरुद्वारा से लंगर लाया गया। वहीं सेक्टर-12 स्थित जिला सचिवालय के बाहर तैनात सुरक्षा बल के लिए एंबुलेंस में केले लाए गए।
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किसानों के लिए बन रहा लंगर।
- फोटो : अमर उजाला
टिकैत ने कहा, साथियों के साथ डटे रहेंगे
किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि किसानों ने लघु सचिवालय का तो अनिश्चितकालीन घेराव कर लिया है। किसान साथियों के साथ वे सचिवालय पर ही डटेंगे। यहीं से आगे की लड़ाई जारी रहेगी।
किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि किसानों ने लघु सचिवालय का तो अनिश्चितकालीन घेराव कर लिया है। किसान साथियों के साथ वे सचिवालय पर ही डटेंगे। यहीं से आगे की लड़ाई जारी रहेगी।