चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में तीन दिवसीय कृषि विकास मेले का रविवार को शुभारंभ हुआ। बतौर मुख्य अतिथि उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि किसान खेती करने के साथ-साथ व्यापारी भी बनें। इससे किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी और खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित होगी। उन्होंने कहा कि मेले में सम्मानित होने वाले सभी प्रगतिशील किसानों को उप राष्ट्रपति निवास पर बुलाकर सम्मानित करेंगे।
उपराष्ट्रपति ने अपना संबोधन शुरू करते हुए कहा कि राम-राम सा, आठे आके मन राजी होग्यो। उन्होंने कहा कि आप सभी को यह अवाॅर्ड उपराष्ट्रपति निवास पर दूंगा। मेरा आप सभी को निमंत्रण है। मैंने यह बदलाव किया है। आप वहां पर आएंगे और लोगों को मोटिवेट करेंगे। मैं कृषि मंत्री से कहूंगा कि यह काम जल्दी से जल्दी करें और एक माह में निश्चित करें। साथ में भोजन करेंगे तब मैं पता लगाऊंगा कि हरियाणा के दूध, दही व घी में इसी के बात है कि वो कर बैठो हो कि दुनिया में कोई कोनी कर पावै।
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हरियाणा कृषि विकास मेले में ढोलक बजाते उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एशियन गेम्स में बज रहा हरियाणा का ढंका
उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स हो हरियाणा को ढंका बज रहा है। पूरे देश में सबसे ज्यादा मेडल लाए हैं। देश ने पहली बार पदकों की सेंचुरी लगाई है, जिसमें एक तिहाई पदक हरियाणा के खिलाड़ियों के हैं।
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हरियाणा कृषि विकास मेले में अपनी प्रस्तुति देते कलाकार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उपराष्ट्रपति ने कहा कि मुझे मेले का देखने के लिए कम से कम दो दिन चाहिए थे। मैं मेले से न्याय नहीं पाया, जो कुछ मैंने देखा, वह बदलते भारत की तस्वीर है। प्रथम किसान प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ईमानदारी के प्रतीक थे। उनके चरित्र में कोई मिलावट नहीं थी। चौधरी साहब 24 कैरेट गोल्ड थे। उनका दिल व दिमाग किसान के विकास के लिए था। उनके नाम पर यह विश्वविद्यालय और कीर्तिमान स्थापित करेगा। हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन आदित्य देवीलाल चौटाला के बारे में उन्होंने कहा कि यो टाबर सा लाग्या है पर सोच बड़ी है। ये गोवा से तालमेल कर रहे हैं। यहां का किन्नू वहां जाएगा।
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उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पहुंचे हिसार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अन्नदाता ने देश को बनाया महाशक्ति
उपराष्ट्रपति ने कहा कि मेरे सामने सबसे बड़ा अन्नदाता है, जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है। 13 साल पहले अपना देश उन 5 देशों की सूची में था, जिनके बारे में हर कोई यही सोचता था कि इन देशों का क्या होगा। आज अन्नदाता के कारण हमारा देश दुनिया की 5वीं महाशक्ति है।
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उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पहुंचे हिसार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आप बदलाव का केंद्र बनेंगे और बदलाव को आगे लेकर जाएंगे। जब भारत देश वर्ष 2047 में आजादी का 100वां जश्न मना रहा होगा, उस समय यह नंबर एक पर होगा। आज आईआईटी व आईआईएम से पास आउट युवा करोड़ों का पैकेज छोड़कर इस्तीफा दे रहा है और दूध व सब्जी आदि का व्यापार कर रहा है। इसका मतलब यह है कि आज कृषि उत्पादन क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं।