नेपाल और भारत में भारी बारिश होने से गोरखपुर से गुजरने वाली छह नदियां उफना गई हैं। घाघरा नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार कर गया है। इस कारण खजनी और गोला तहसील क्षेत्र के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रोहिन नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे नदी के किनारे रहने वाले लोगों में दहशत है। कटान की भी आशंका बढ़ गई है।
बाढ़ का खतरा: गोरखपुर से होकर बहने वाली नदियां उफनाईं, तेजी से बढ़ रहा है जलस्तर
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वहीं, गोर्रा और कुआनो नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। गीडा क्षेत्र से होकर बहने वाली आमी नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, इस नदी के जलस्तर की रिपोर्ट बाढ़ खंड की तरफ से नहीं तैयार की जाती है। लेकिन जब भी आमी नदी का जलस्तर बढ़ता है, आसपास के क्षेत्र में फसलों को काफी नुकसान होता है।
अफसर अलर्ट
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग, प्रशासन और पुलिस के अफसर सतर्क हो गए हैं। बंधों की निगरानी की जा रही है। जलस्तर बढ़ने से प्रभावित होने वाले गांवों के आसपास सतर्कता बढ़ाई गई है। कटान न हो, यह व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। अगर गांवों में पानी घुसता है, तो नाव के भी इंतजाम किए जाएंगे। निगरानी बढ़ा दी गई है।
| नदी | स्थान | जलस्तर | खतरे का निशान |
| घाघरा | अयोध्या | 92.970 | 92.730 |
| घाघरा | बरहज | 66.900 | 66.500 |
| राप्ती | गोरखपुर | 73.880 | 74.980 |
| रोहिन | त्रिमुहानी | 82.450 | 82.440 |
| गोर्रा | पिंडराघाट | 69.250 | 70.500 |
| कुआनो | मुखलिसपुर | 76.220 | 78.650 |
अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड-2 रुपेश खरे ने कहा कि नेपाल की पहाड़ी व पूर्वांचल के मैदानी इलाकों में हुई लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा है। घाघरा नदी के उफनाने का असर खजनी और गोला तहसील में देखने को मिलता है खतरे जैसे कोई बात नहीं है। विभागीय अफसर अलर्ट हैं। जिन नदियों का जलस्तर बढ़ा है, वहां निगरानी बढ़ा दी गई है। राहत-बचाव की योजना पहले से बनी है। आबादी क्षेत्र में पानी घुसा तो राहत-बचाव कार्य तेज किया जाएगा। हर स्तर की तैयारी है।
बाढ़ से घिरे आधा दर्जन से अधिक गांव
राप्ती और सरयू नदी में उफान की वजह से इलाके के आधा दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं। राप्ती के पानी से लखनौरी, लखनौरा, खोहियापट्टी, बिहुआ उर्फ अगलगौवां, हिगुंहार और सरयू के पानी से जैतपुर, कोटिया निरंजन, खैराटी, गोनहा, मुसाडोही, ज्ञानकोल आदि गांव पानी से घिर गए हैं। यदि नदियों में पानी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो जल्द ही कई गांवों में आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ सकता हैं। ग्रामीण रविशंकर सिंह, जयराम विश्वकर्मा, योगेंद्र यादव, रमाशंकर मद्देशिया, राकेश यादव, अमरजीत गुप्ता, दीपनारायन आदि ने डेरवा बैरियाखास मार्ग व बरडीहा खैराटी मार्ग के उच्चीकरण की मांग की है।
आमी नदी का जलस्तर बढ़ा
बारिश के कारण आमी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे कछार क्षेत्र के सभी ताल तलैया लबालब भर गए हैं। लोगों का कहना है कि इसी तरह बारिश होती रही तो सूखे के बाद बाढ़ के कहर से किसान तबाह होंगे। यदि इस समय बाढ़ आती है तो गेहूं की फसल प्रभावित होगी।