शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन गोरखनाथ मंदिर में परंपरागत रूप से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कलश की स्थापना की। मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ के नेतृत्व में साधू संतों वेदपाठी ब्राह्मणों एवं संस्कृत विद्यालय के अन्य छात्रों ने सोशन डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कलश यात्रा निकाली।
गोरखनाथ मंदिर से पुजारियों ने निकाली यात्रा, तस्वीरों में देखें सीएम योगी ने की कलश स्थापना
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कमलनाथ महाराज ने भीम सरोवर से कलश में जल भरकर शक्ति पीठ के लिए चले। इस बीच उनके साथ चल रहे भक्त व साधू संतों ने घड़ी घंटा तथा शंख बजाकर माहौल को भक्तिमय बनाया।
मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि मंदिर की परंपरा है कि यहां पर कलश की स्थापना नवरात्रि के पहले दिन शाम को होती है। शनिवार की शाम भीम सरोवर से जल लेकर मुख्य पुजारी कमलनाथ दुर्गा शक्ति पीठ पर पहुंचे।
उसके बाद वेद पाठी ब्राहमणों ने मंत्रोच्चार शुरू किया। दो घंटे तक अनुष्ठान के साथ ही कलश की स्थापना की गई। फिर आरती हुई। बता दें कि शाम करीब 5 बजे के बाद गोरक्ष पीठाधीश्वर ने कमलनाथ को अपने हाथों से त्रिशूल देकर कलश यात्रा के लिए रवाना किया।
गोरखनाथ मंदिर में निकली कलश यात्रा में शामिल मंदिर के पुजारी और संस्कृत विद्यालय के छात्र त्रिशूल, घड़ी , घंटा के साथ नाथ पंथ का वाद्ययंत्र नागफनी लेकर चल रहे थे। भीम सरोवर पहुंच कर कमलनाथ ने जल भरा और वापस शक्ति पीठ आ गए। वहां उनके पहुंचने के बाद धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गया।