गोरखपुर जिले में शनिवार का दिन रोज से अलग रहा। शहर की प्रमुख सड़कों-चौराहों को धो-पोछकर चमकाने से दिन की शुरूआत हुई और शाम ढलते ही ये सड़कें रोशनी से नहा उठीं। पूरे दिन सड़कों पर त्योहारों जैसी खामोशी रही।
President Visit: हर जुबां पर महामहिम की ही चर्चा, शाम होते ही रंगीन रोशनी से नहाया गोरखपुर शहर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार साल के भीतर यह तीसरा मौका था, जब देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उनकी पत्नी सविता कोविंद व बेटी स्वाती कोविंद के कदम गोरक्षनगरी में पड़े। लखनऊ से राज्यपाल आनंदी बेन पटेल साथ ही गोरखपुर आईं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर एयरपोर्ट पर महामहिम व उनकी पत्नी का स्वागत किया।
दोपहर करीब 12:30 जैसे ही राष्ट्रपति का काफिला एयरपोर्ट से बाहर निकला, उनकी झलक पाने और गाड़ियों के काफिले को मोबाइल फोन के कैमरे में कैद करने के लिए गलियों, घरों की बालकनी व छतों पर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। इस विश्वास के साथ की राष्ट्रपति उन्हीं की तरफ देख रहे हैं, हर कोई हाथ हिलाकर उनका स्वागत करता नजर आया। कूड़ाघाट और मोहद्दीपुर में लोगों का जमावड़ा लगा रहा।
गोरखपुर को मिली नई पहचान
सर्किट हाउस से राष्ट्रपति का काफिला शाम पांच बजे जब अंबेडकर चौराहा, छात्रसंघ, शास्त्री चौक और घोष कंपनी चौराहा होते हुए गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह कार्यक्रम के लिए निकला तो एक बार फिर दोपहर जैसा नजारा देखने को मिला। जगह-जगह लोग, अपने घरों की छतों से हाथ हिलाकर उनका स्वागत-अभिनंदन कर रहे थे। ट्रैफिक जीरो होने की वजह से चौराहों पर जिन्हें रोक दिया गया था, वे अपनी गाड़ियों पर बैठे-बैठे ही एक दूसरे से राष्ट्रपति के आगमन, प्रस्थान और उनके व्यक्तित्व के बारे में चर्चा करते रहे। वहीं कुछ, यह कहकर गौरवान्वित भी होते रहे कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर को नई पहचान मिली है। विकास का पहिया तो तेजी से घूम ही रहा है, कई विभूतियों का आगमन भी यहां हो चुका ।
शंख ध्वनि के बीच स्वागत
गीता प्रेस से निकलकर गोरखनाथ मंदिर पहुंचे राष्ट्रपति व उनकी पत्नी का पारंपरिक तरीके से वैदिक मंत्रोचार व शंख ध्वनि के बीच जोरदार स्वागत हुआ। गुरु गोरक्षनाथ के दर्शन-पूजन और प्रसाद ग्रहण कर करीब एक घंटे बाद जब राष्ट्रपति नया सवेरा पर लाइट एंड साउंड शो देखने पहुंचे तो उन्हें अपने बीच पाकर कई विद्यालयों के बच्चे रोमांचित हो उठे। कोई उनके साथ फोटो खिंचवाने को आतुर दिखा तो कोई ऑटोग्राफ के जरिए इन यादों को सहेजकर रखने के लिए राष्ट्रपति के इर्द-गिर्द घेरा बनाकर खड़ा हो गया। बच्चे, घर पहुंचे तो देर रात तक परिवार में भी सिर्फ महामहिम की ही चर्चा करते रहे, तो वहीं माता-पिता, मोबाइल पर दोस्त-रिश्तेदारों तक बच्चों के अनुभव पहुंचाने में जुटे रहे।
अब तक आए पांच राष्ट्रपति
राष्ट्रपति कोविंद से पहले गोरक्षनगरी देश के चार अन्य राष्ट्रपति का भी स्वागत कर चुकी है। इनके पहले देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, 11वें राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और 12वीं राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल यहां आईं हैं।