गोरखपुर राप्ती नदी का राजघाट सोमवार की शाम फिर रोशनी से जगमग हो गया। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के आवेदन पर बिजली निगम ने राप्ती तट पर रोशनी के लिए बिजली का अस्थायी कनेक्शन दे दिया है। अमर उजाला ने प्रमुखता से इस खबर को प्रकाशित किया था। पिछले मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से राप्ती नदी के तटों पर बनाए गए रामघाट और महायोगी गोरक्षनाथ घाट के अलावा अन्य कार्यों का लोकार्पण किया था। उस दिन रोशनी से नहाया राप्ती तट अलग ही छटा बिखेर रहा था, लेकिन मात्र चार दिन बाद ही बिजली निगम ने राप्ती तट पर लगाई गईं लाइटों का कनेक्शन काट दिया।
तस्वीरें: सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट का उद्घाटन होते ही कट गई थी बिजली, चार दिन बाद फिर हुआ रोशन
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वजह यह थी कि राप्ती तट के सुंदरीकरण का काम कर रहे सिंचाई विभाग बाढ़ खंड ने इसके लिए कनेक्शन नहीं लिया था। इसकी वजह से राप्ती तट शाम होते ही अंधेरे में डूबने लगा। हांसूपुर के पार्षद संजय श्रीवास्तव ने मेयर सीताराम जायसवाल और डीएम के. विजयेंद्र पांडियन को इससे अवगत कराया।
अमर उजाला ने प्रमुखता से इस खबर को प्रकाशित किया था। इसके बाद सोमवार को दोपहर में सिंचाई विभाग ने बिजली विभाग को राप्ती तट की लाइटों के लिए अस्थायी कनेक्शन के लिए आवेदन दिया। मात्र कुछ ही घंटे में बिजली निगम ने कनेक्शन दे दिया और शाम को राप्ती तट फिर से रोशनी से जगमगाने लगा।
बिजली निगम के अधिशासी अभियंता नवनीत प्रजापति ने कहा कि अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड सिंचाई विभाग की ओर से एक सप्ताह के लिए 10 किलोवाट और चार किलोवाट के दो अस्थायी कनेक्शन लिए गए हैं। सोमवार दोपहर बाद कनेक्शन देकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
डीएम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राप्ती तट पर बिजली आपूर्ति बहाल करने संबंधी निर्णय हुआ। तय हुआ कि एक सप्ताह के लिए सिंचाई विभाग अस्थायी कनेक्शन लेगा। साथ ही इसे नगर निगम को हैंडओवर करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। हैंडओवर होने के बाद नगर निगम की ओर से बिजली का स्थायी कनेक्शन लिया जाएगा।