पीसीएस-2019 परीक्षा में गोरखपुर जिले के मेधावियों ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। जिले के कई विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित कर नाम रोशन किया है। कामयाबी हासिल करने वाले इन मेधावियों को बधाई देने का तांता लग गया।
पीसीएस 2019 रिजल्ट: गोरखपुर के होनहार मेधावियों ने लहराया कामयाबी का परचम, यहां देखें कामयाब चेहरे
26वीं रैंक पाकर प्रीति बनीं एसडीएम
पाली ब्लॉक के घघसरा गांव की प्रीति सिंह को 26वीं रैंक हासिल हुई है। उनका चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ है। प्रीति को यह सफलता चौथे प्रयास में मिली है। वर्तमान में वह घघसरा उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। प्रीति के पति लखनऊ के एक महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर हैं। प्रीति के पिता चंद्रभूषण सिंह सिंह एक किसान और मां आशा सिंह गृहिणी हैं। प्रीति ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, पति और गुरुजनों को दिया है। प्रीति का कहना कि लक्ष्य निर्धारित कर की गई मेहनत से मंजिल पाई जा सकती है।
किसान के बेटे अभिषेक बने नायब तहसीलदार
पिपराइच क्षेत्र के बेलाकांटा गांव के किसान हरिलाल मौर्या के बेटे अभिषेक ने पीसीएस परीक्षा में 88वीं रैंक हासिल की है। वह अपने पहले प्रयास में ही नायब तहसीलदार के पद पर चुने गए हैं। उनकी मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। बचपन से ही अभिषेक मेधावी रहे हैं। वर्ष 2017 में लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक करने वाले अभिषेक का यह पहला प्रयास था। उनका कहना है कि आईएएस के लिए अब वे प्रयास करेंगे। उनकी सफलता से क्षेत्र में खुशी की लहर है।
भौवापार के राहुल बने लीगल ऑफिसर
भौवापार के रहने वाले इंद्र प्रताप सिंह के पुत्र राहुल सिंह को पीसीएस-2019 में पीडब्ल्यूडी में लीगल ऑफिसर का पद हासिल हुआ है। जुबिली इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और इंटर तथा सेंट एंड्रयूज कॉलेज से बीएससी करने के बाद राहुल ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एलएलबी टॉप किया। इसके बाद वे सिविल सेवा की तैयारी में लग गए। वह दृढ़ आत्मविश्वास को अपनी सफलता का मूलमंत्र मानते हैं। उनकी सफलता पर मां मुन्नी देवी, भाई अतुल सिंह, विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक विपिन सिंह आदि ने बधाई दी है।
रोहित सिंह बने लीगल ऑफिसर
सिंघड़िया के रामनगीना सिंह के पुत्र रोहित सिंह का चयन पीडब्ल्यूडी के लीगल अधिकारी पद पर हुआ है। रोहित ने बिरला विद्या मंदिर नैनीताल से माध्यमिक की शिक्षा प्राप्त की। उसके बाद स्नातक और एलएलबी की डिग्री दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की। रोहित के पिता अपर आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने माता-पिता और मित्रों को दिया।