यह घटना हिंदू युवा वाहिनी के गठन होने के ठीक 2 महीने बाद यानी 15 जून 2002 की है। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के मोहन मुंडेरा गांव में एक अनुसूचित जाति की युवती के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। उस समय लोगों ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक के दबाव में पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है।
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Cm yogi Adityanath
- फोटो : अमर उजाला।
इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपी एक समुदाय विशेष के लोग थे। वहीं मृत युवती के भाई ने कहा कि हम अपनी बहन का अंतिम संस्कार तब तक नहीं करेंगे जब तक दोषियों पर हत्या और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज नहीं हो जाता। ऐसे में सुनवाई न होने पर वह कुछ लोगों के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचा। वहां गोरक्षपीठाधीश्वर व तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ ने उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिया और कुशीनगर के पुलिस अधिकारियों से बात की।
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सीएम योगी आदित्यनाथ। (फाइल)
- फोटो : शिवहर्ष द्विवेदी।
सांसद योगी की सिफारिश के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो योगी ने 19 जून 2002 को उस गांव में जाने का एलान कर दिया। युवती के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद क्षेत्र में पहले से ही आक्रोश पनपने लगा था। ऐसे में योगी के आने की सूचना से पूरे जिले में हड़कंप मच गया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
योगी आदित्यनाथ के आने की सूचना जैसे ही लोगों को मिली, लोग मोहन मुंडेरा गांव में जुटते चले गए। वहीं कुछ लोग गुस्से में आकर दोषियों के घरों में तोड़फोड़ भी शुरू करने लगे। जिस दिन सांसद योगी को मोहन मुंडेरा गांव में आना था उस दिन समुदाय विशेष के लोग गांव छोड़कर फरार हो गए।
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सीएम योगी आदित्यनाथ। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
इस बीच गांव में भारी फोर्स तैनात कर दी गई पुलिस के उच्चाधिकारी रास्ते में योगी से मुलाकात की और वहां ना जाने का अनुरोध किया। क्योंकि गांव में पहले ही लोगों ने तोड़फोड़ व आगजनी की घटना को अंजाम दे दिया था। सांसद व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर पीड़ित को न्याय नहीं मिला तो ठीक नहीं होगा।