कोरोना महामारी के बीच शासन की ओर से मांगे गए माइक्रो प्लान के तहत पहले चरण में कोरोना वॉरियर्स को वैक्सीन लगाने की योजना है। इसमें डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन्हीं को आधार मानते हुए वैक्सीन जनवरी से लेकर मार्च के बीच में शासन की ओर से मिलेगी।
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शासन ने स्वास्थ्य विभाग से वैक्सीन की अनुमानित आवश्यकता, सुरक्षित रखने और अस्पतालों तक पहुंचाने का प्लान मांगा है। प्लान 15 दिसंबर तक तैयार करके हर हाल में शासन को देना है। माइक्रो प्लान के तहत पहले चरण में वैक्सीन कोरोना मरीजों की देखरेख कर रहे डाक्टरों, नर्सों व अन्य कर्मचारियों को लगाई जाएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
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विभाग का मानना है कि डाक्टरों, नर्सों व अन्य कर्मचारियों ने सबसे ज्यादा संक्रमित व्यक्तियों के साथ वक्त गुजारा है। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए वैक्सीन मंगाई जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि तब तक कितने लोग संक्रमित हो चुके होंगे।
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बता दें कि भारत बायोटेक के कोवैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में होना है। इसके लिए दो हजार से अधिक वालंटियरों की जरूरत है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि माइक्रो प्लान तैयार किया जा रहा है।
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गौरतलब है कि गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमण के मामले कुछ हद तक कम हुए हैं, लेकिन मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज मिल रहे हैं। साथ ही संक्रमित मरीजों की मौत भी हो रही है। ऐसे में बताया जा रहा है कि अब तक मिले मरीजों के हिसाब से गोरखपुर और बस्ती मंडल में सबसे ज्यादा वैक्सीन की जरूरत गोरखपुर जिले को होगी।