उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का चिड़ियाघर देश का तीसरा और प्रदेश का दूसरा बब्बर शेर प्रजनन केंद्र बन सकता है। इस संबंध में प्राणि उद्यान के अधिकारी तैयारियों में जुट गए हैं। हालांकि इटावा लायन सफारी से चिड़ियाघर लाए गए दोनों बब्बर शेरों के बीच उम्र का अंतर है, लेकिन उनकी ब्रीडिंग में कोई परेशानी नहीं हुई तो प्रजनन केंद्र के लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी को पत्र भेजा जाएगा।
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गोरखपुर चिड़ियाघर में आया बब्बर शेर।
- फोटो : अमर उजाला।
इससे पहले गुजरात का जूनागढ़ ही बब्बर शेर का प्रजनन केंद्र था। वर्ष 2012 में उत्तर प्रदेश के इटावा लायन सफारी को भी यह उपलब्धि हासिल हुई। अब गोरखपुर प्राणि उद्यान में बब्बर शेर के शावक जन्म ले सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो यह देश के तीसरे बब्बर शेर प्रजनन केंद्र के रूप में सामने आ सकता है।
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गोरखपुर चिड़ियाघर में आया बब्बर शेर।
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प्राणि उद्यान के उप प्रभागीय वन अधिकारी संजय कुमार मल्ल ने बताया कि बब्बर शेरों को लाए जाने के बाद इनके प्रजनन के लिए भी तैयारी की जा सकती है। चूंकि गुजरात के बाद इटावा में बब्बर शेरों की ब्रीडिंग से एक शावक का जन्म हो चुका है, ऐसे में इसकी संभावना गोरखपुर चिड़ियाघर में भी तलाशी जाएगी। गोरखपुर प्राणि उद्यान का वातावरण भी इटावा की तरह सामान्य है, ऐसे में ब्रीडिंग कराई जा सकती है।
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गोरखपुर चिड़ियाघर में आया बब्बर शेर।
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देश में महज 500 के आसपास बब्बर शेर
देश में बब्बर शेरों की संख्या 500 के आसपास है। ऐसे में उनकी संख्या बढ़ाने के लिए इटावा लायन सफारी में शुरू में तीन शेर व तीन शेरनियों को लाया गया था। इनसे पांच अक्तूबर 2016 को दो शावक संभा व सुल्तान पैदा हुए। बाद में एक और शावक ने जन्म लिया।
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गोरखपुर चिड़ियाघर में आया बब्बर शेर।
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गौरतलब है कि इटावा लायन सफारी से पटौदी (नर) और मरियम (मादा) रविवार सुबह गोरखपुर चिड़ियाघर पहुंचे। दोनों के सकुशल बाड़े में पहुंचने के बाद चिड़ियाघर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ताली बजाकर स्वागत किया।