गोरखपुर में मौसम हर दिन बदल रहा है। बृहस्पतिवार को दिन में मौसम का मिजाज तीन बार बदला। सुबह के समय आसमान में कोहरा व बादल छाए रहे। तकरीबन नौ बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। दोपहर तक रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। दोपहर में बूंदाबांदी के बाद धूप खिली तो लोगों को खुशनुमा मौसम का अहसास हुआ। दिन में तीन बजे से फिर बादल छाए और बूंदाबांदी शुरू हो गई। मौसम के बदले मिजाज के कारण अधिकतम तापमान में भी दो डिग्री की गिरावट आई।
Gorakhpur Weather: गोरखपुर में दिन में तीन बार बदला मौसम का मिजाज, तापमान दो डिग्री लुढ़का
फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि इस वक्त सभी को अपने स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहने की जरूरत है। अचानक गिरता-चढ़ता पारा शुगर, ब्लड प्रेशर, हड्डी के दर्द समेत कई बीमारियों को बढ़ा देता है। इस मौसम में अस्थना के मरीजों को भी खास सावधानी रखनी होगी, क्योंकि इस वक्त सांस फूलने की समस्या भी आती है।
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बृहस्पतिवार की सुबह लोगों की नींद खुली तो मौसम का मिजाज बदला मिला। कोहरा और बादल छाने के साथ सुबह नौ बजे से बूंदाबांदी शुरू हो गई। तापमान में गिरावट आने से ठंड का अहसास होने लगा। अधिकांश बच्चे, बड़े और बुजुर्ग गर्म कपड़े पहने हुए नजर आए। मॉर्निंग वॉक के लिए भी लोग देरी से निकले।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी सुबह कोहरा व बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिक शफीक सिद्दकी ने बताया कि एक चक्रवाती सिस्टम उत्तर-पश्चिम राजस्थान और आसपास क्षेत्र पर स्थित है और औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। पूर्वी उत्तर में इसका असर दो दिन रहने का अनुमान है।
मौसम में बदलाव से बढ़ेंगी बीमारियां
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिंह ने कहा कि तेजी से बदलता मौसम हमेशा ही बीमारियों का कारण बनता है। बुधवार को दिन में अच्छी धूप थी। रात में तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। बृहस्पतिवार को बूंदाबांदी हो गई। इतना तेज परिवर्तन बच्चों व बुजुर्गाें के लिए नुकसानदायक होता है। ऐसे मौसम में छोटे बच्चों में निमोनिया के मामले सामने आते हैं। इसलिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें। सुबह-शाम विशेष रूप से निगरानी करें।
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गोरखपुर शहर की बिगड़ी हवा बुधवार को कुछ सुधरने लगी थी। बृहस्पतिवार सुबह भी एक्यूआई 150 के आसपास रहा, लेकिन दिन में गाड़ियाें की आवाजाही की वजह से एक्यूआई स्तर 179 तक पहुंच गया।
दिवाली के बाद बिगड़ी शहर की हवा धीरे-धीरे सुधर रही थी। छठ पूजा से पहले एक्यूआई 115 तक पहुंच गया था। छठ के बाद एक्यूआई बढ़ना शुरू हुआ लेकिन दो-तीन दिन बाद सुधार हो गया। इस बीच दो दिन से फिर शहर की हवा खराब हो गई। सोमवार को एक्यूआई 186 दर्ज किया गया। जबकि मंगलवार को एक्यूआई 205 दर्ज किया गया। बुधवार को एक्यूआई 135 तक पहुंच गया, लेकिन बृहस्पतिवार को फिर एक्यूआई 179 तक पहुंच गया। विशेषज्ञ इसके पीछे वातावरण में धुंध छाने और गाड़ियों की आवाजाही को कारण बता रहे हैं।
फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि इस वक्त सभी को अपने स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहने की जरूरत है। अचानक गिरता-चढ़ता पारा शुगर, ब्लड प्रेशर, हड्डी के दर्द समेत कई बीमारियों को बढ़ा देता है। इस मौसम में अस्थना के मरीजों को भी खास सावधानी रखनी होगी, क्योंकि इस वक्त सांस फूलने की समस्या भी आती है। इसलिए गर्म कपड़े पहनें और जो भी दवाइयां लेते हैं, उसे नियमित लेते रहें।