उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गगहा इलाके के जानीपुर रोड स्थित इलेक्ट्रिक एंड इलेक्ट्रानिक्स दुकान के मालिक शंभू मौर्य और उनके कर्मचारी संजय पांडेय की बुधवार रात गोली मारकर हत्या दी गई थी। शंभू की अभी सालभर पहले शादी हुई। वहीं संजय तीन बच्चे थे। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
गोरखपुर दोहरा हत्याकांड: पिता का शव देख फफक पड़ा मासूम, बोला- 'अब पापा कभी घर नहीं आएंगे'
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संजय का शव जब घर आया तो पूरा गांव रो पड़ा। पिता का शव देखकर दोनों बेटियां स्तुति और सलोनी फफक उठी। मुंह से यही निकला पापा का क्या कसूर था, आखिर क्यों उनकी हत्या कर दी गई। मम्मी, पापा अब कभी नहीं आएंगे ना। उनकी यह बातें सुनकर सबकी आंखें नम हो गईं।
गोला थाना क्षेत्र के लाही डाडी निवासी संजय पांडेय चार भाइयों में सबसे छोटे थे। संजय की दो पुत्रियां स्तुति (17), सलोनी (13) व पुत्र आदित्य (8) हैं। चारो भाई अलग-अलग रहते हैं। संजय दिल्ली में नौकरी करते थे, लेकिन लाकडाउन के बाद घर चले आए और दो महीने पहले से शंभू मौर्य की दुकान में काम करने लगे। यहां से मिलने वाले पैसों से ही परिवार का भरण-पोषण हो रहा था।
संजय रोजाना सुबह साइकिल से दुकान पर आते और रात आठ बजे तक घर पहुंच जाते थे। बुधवार को जब देर तक घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनके मोबाइल पर कॉल किया। फोन रिसीव नहीं हुआ तो अनहोनी की आशंका उत्पन्न होने लगी। बड़े भाई वशिष्ठ नारायण पांडेय, संजय को ढूंढते हुए दुकान पर पहुंचे, जहां घटना की जानकारी मिली।
संजय के परिवार वालों ने मांगा मुआवजा
संजय की पत्नी संजू ने प्रशासन के जरिए शासन से मुआवजा सहित छह मांग की है। उनकी मांग है कि हत्यारों को गिरफ्तार कर फांसी दी जाए, परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए 50 लाख मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, परिवार को शस्त्र लाइसेंस तत्काल दिया जाए, उनके तीन बच्चों के शिक्षा की व्यवस्था की जाए। परिवार की ओर से एसडीएम को मांग पत्र सौंपा गया है।