फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

एंटीजन किट की अपेक्षा आरटीपीसीआर से ज्यादा होगी कोरोना जांच, विशेषज्ञों ने बताई ये वजह

Sun, 29 Nov 2020 07:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 29 Nov 2020 07:25 PM IST
विज्ञापन
Department will increase scope of corona test with RT PCR
COVID-19 - फोटो : ANI

कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य विभाग एंटीजन की अपेक्षा आरटीपीसीआर से जांच का दायरा बढ़ाएगा। शासन से मिले निर्देश के बाद विभाग ने यह फैसला लिया है। मौजूदा समय में एंटीजन किट से जांच ज्यादा की जा रही है। लेकिन एंटीजन वायरस को पकड़ने में अब पहले की अपेक्षा कारगार साबित नहीं हो रहा है। जबकि आरटीपीसीआर की जांच 99 प्रतिशत अभी भी सही मानी जा रही है। ऐसे में अब 70 प्रतिशत जांच आरटीपीसीआर से होंगे।




 

Department will increase scope of corona test with RT PCR
कोरोना वायरस। - फोटो : अमर उजाला।

जानकारी के मुताबिक कोरोना के शुरुआती दिनों में केवल आरटीपीसीआर से ही जांच हो रही थी। आरटीपीसीआर की जांच में पांच से छह घंटे लग रहे थे। इस बीच आईसीएएमआर ने एंटीजन किट से जांच का फैसला लिया। यह किट महज 10 से 15 मिनट में रिजल्ट भी बता देता है। साथ ही इसकी लागत भी काफी कम है।
 

Department will increase scope of corona test with RT PCR
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI

इसके बाद से एंटीजन किट से ज्यादा जांच होने लगी। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया वैसे-वैसे एंटीजन किट वायरस को पकड़ने में कमजोर साबित होने लगा। अब किट के पकड़ने की क्षमता बेहद कमजोर हो गई है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Department will increase scope of corona test with RT PCR
coronavirus - फोटो : अमर उजाला
विशेषज्ञ इसके पीछे वायरस में म्यूटेशन बता रहे हैं। यही वजह है कि अब विभाग एंटीजन की अपेक्षा आरटीपीसीआर से अधिक जांच कराने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत भी सीएचसी और पीएचसी से हो चुकी है।

 
विज्ञापन
Department will increase scope of corona test with RT PCR
रुटीन जांच कराती महिला - फोटो : रवि बत्रा

प्रतिदिन हर सीएचसी और पीएचसी से 50 से अधिक सैंपल लेकर आरटीपीसीआर जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजे जा रहे हैं। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि आरटीपीसीआर से जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। प्रतिदिन 1500 से 2000 सैंपल की जांच की जा रही है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed