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सीएम योगी का संघर्ष: पांच बार सांसद बनने के बाद मुख्यमंत्री बने हैं 'आदित्यनाथ', पढ़िए इनकी कहानी

Sat, 12 Jun 2021 04:24 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 12 Jun 2021 04:24 PM IST
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CM Yogi struggle for became UP CM after five times MP in Gorakhpur
सीएम योगी आदित्यनाथ। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

बीते कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही थीं। इन सबके बीच सीएम योगी ने पीएम मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से दिल्ली में मिलकर मजबूत होकर वापस आए हैं। आज हम आपको सीएम योगी के बारे में खास बातें बताने जा रहे हैं, जो उनके संघर्ष की कहानी को बयां करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को पंचूर गांव, पौढी गढवाल, उत्तराखंड में एक राजपूत परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम आनंद सिंह बिष्ट और माता का नाम सावित्री देवी है। सीएम योगी ने 1989 में ऋषिकेश के भरत मंदिर इंटर कॉलेज से 12वीं पास की और 1992 में हेमवती नंदन बहुगुणा गढवाल विश्वविद्यालय से गणित में बी.एसी की। इसी कॉलेज से उन्होंने एम.एससी भी की। योगी आदित्यनाथ 1992 में गोरखपुर आए और महंत अवैद्यनाथ से दीक्षा ली। इसके बाद वह 1994 में संन्यासी बन गए। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी...


 

CM Yogi struggle for became UP CM after five times MP in Gorakhpur
सीएम योगी आदित्यनाथ। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

महंत अवैद्यनाथ के निधन के बाद योगी को गोरखनाथ मंदिर का महंत बना दिया गया। बता दें कि 1998 में योगी ने गोरखपुर लोकसभा सीट से पहली बार भारतीय जनता पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ा और वो जीत गए। 12वीं लोकसभा चुनाव में वो सबसे कम उम्र के सांसद थे, उस समय उनकी उम्र केवल 26 वर्ष की थी। 1998 से लेकर मार्च 2017 तक योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद रहे। 2017 में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लोकसभा सीट से लगातार 5 बार सांसद चुने गए हैं।

 

CM Yogi struggle for became UP CM after five times MP in Gorakhpur
सीएम योगी आदित्यनाथ। (फाइल) - फोटो : शिवहर्ष द्विवेदी।

योगी आदित्यनाथ के पिता फॉरेस्ट रेंजर के पद से 1991 में रिटायर हो गए थे। उसके बाद से वे अपने गांव में रह रहे थे। योगी आदित्यनाथ अपना परिवार छोड़कर गोरखपुर महंत अवैद्यनाथ के पास चले गए थे। सीएम योगी चार भाई और तीन बहनों में दूसरे नंबर के हैं। उनके दो भाई कॉलेज में नौकरी करते हैं, जबकि एक भाई सेना की गढ़वाल रेजिमेंट में सूबेदार हैं।

 

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CM Yogi struggle for became UP CM after five times MP in Gorakhpur
योगी आदित्यनाथ के साथ महंत अवैद्यनाथ। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

योगी के गुरु अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई। 1998 में गोरखपुर से 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे तो उस समय वह सबसे कम उम्र के सांसद थे, वो 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने।

 

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CM Yogi struggle for became UP CM after five times MP in Gorakhpur
सीएम योगी आदित्यनाथ। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

योगी आदित्यनाथ हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं, हिंदू युवा वाहिनी संगठन हिंदू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है। सात सितंबर 2008 को सांसद योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ था। इस हमले में वे बाल-बाल बच गए थे।

 

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