गोरखपुर में कूड़ा निस्तारण में माकूल सुधार नहीं हो पाने की वजह से स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में इस बार अपना गोरखपुर 29 पायदान नीचे आ गया। देश के 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में जहां पिछली बार राष्ट्रीय स्तर पर गोरखपुर को 82वीं रैंक हासिल हुई थी, लेकिन इस बार यह रैंकिंग लुढ़क कर 111 रह गई। कुल 6000 अंक में गोरखपुर को केवल 3174.06 ही हासिल कर सका। प्रदेश में गोरखपुर की रैंकिंग 8वीं रह गई है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2021: स्वच्छता की रैंकिंग में लुढ़का अपना गोरखपुर, पिछले साल हासिल की थी 82वीं रैंक
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पिछले वर्ष तक लगातार चार साल के दौरान गोरखपुर नगर निगम ने स्वच्छता के मामले में लगातार सुधार किया है। शहर को वर्ष 2018 में 280 वां, वर्ष 2019 में 226 वां स्थान हासिल हुआ था। 2020 में 82वीं रैंक हासिल हुई थी। नगर निगम ने 144 स्थान की छलांग लगाई थी, लेकिन इस बार गोरखपुर की रैंकिंग 29 पायदान लुढ़क गई।
इसलिए पिछड़ गया अपना शहर
घर-घर से कूड़ा उठान की व्यवस्था पिछले वर्ष तक लागू नहीं हो सकी थी। हालांकि इस बार नगर आयुक्त अविनाश सिंह के प्रयास से काफी तेजी से लागू किए जाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा सॉडिल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित करने की दिशा में गोरखपुर नगर निगम अब तक सफल नहीं हो सका है। सर्टिफिकेशन, सिटिजन फीडबैक आदि के मामले में भी गोरखपुर ने काफी कम अंक हासिल किया।
मेयर सीताराम जायसवाल ने कहा कि कुछ कमियां रह गईं थी। इस वजह से इस बार रैंकिंग में गिरावट आई है। जो भी कमियां रह गई हैं, उसमें सुधार किया जाएगा और कोशिश रहेगी कि अगली बार गोरखपुर की रैंकिंग में सुधार आए।
| शहर | रैंकिग | पुरानी रैंकिंग |
| लखनऊ | 12 | 12 |
| गाजियाबाद | 18 | 19 |
| कानपुर | 21 | 24 |
| आगरा | 24 | 16 |
| प्रयागराज | 26 | 20 |
| मेरठ | 27 | 41 |
| गोरखपुर | 111 | 82 |
| शहर | स्कोर |
| लखनऊ | 4586.17 |
| गाजियाबाद | 4220.20 |
| कानपुर | 3847.67 |
| आगरा | 3715.53 |
| प्रयागराज | 3613.72 |
| मेरठ | 3598.23 |
| वाराणसी | 3532.15 |
| गोरखपुर | 3174.06 |