गोरखपुर के रायगंज में 24 अप्रैल को हुए तिहरे हत्याकांड को अकेले आलोक पासवान ने अंजाम दिया था। इस बात का खुलासा पुलिस की चार्जशीट से हुआ है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी आलोक पासवान के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। परिजनों के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिसमें उन लोगों का कहना था कि हत्या में कुछ और लोग शामिल रहे होंगे। चार्जशीट में अन्य लोगों को आरोपों से बरी कर दिया है।
Triple Murder: एकतरफा मोहब्बत में हुई थी तीन लोगों की हत्या, अब चार्टशीट दाखिल
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खोराबार थाने में केशव ने दी तहरीर में लिखा था कि मेरी चचेरी बहन प्रीति को गांव में रहने वाला आलोक पासवान पसंद करता था। आए दिन वह परेशान करता था। 24 अप्रैल को चाचा गामा, चाची और बहन प्रीति के साथ मेरे घर बहन के मटकोड़वा में आ रहे थे। अभी वह रामदवन के घर के पास पहुंचे थे कि आलोक ने धारदार हथियार से हत्या कर दी।
खोराबार के रायगंज में प्रीति और उसके पिता-माता का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की दो टीम ने किया था। पूरे पोस्टमार्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई थी। पोस्टमार्टम में प्रीति के सिर पर इतने वार मिले थे कि उसे गिना ही नहीं जा सकता। पूरा सिर फटा पाया गया था। वहीं, पिता गामा के सिर पर चार और मां के सिर व गर्दन के पास तीन जगह गहरे घाव मिले थे। पोस्टमार्टम से साफ था कि आलोक पासवान का मकसद बेरहमी से हत्या करना था। जिस तरह से उसने प्रीति को मारा था, उससे आलोक का गुस्सा झलक रहा था।
लोगों का कहना था कि आरोपी आलोक 6 महीने पहले मृत प्रीति के स्कूल गया था। वहां किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, तब उसने उसे थप्पड़ मार दिया था। जिसके बाद सुलह हो गई थी। गांव में चर्चा है कि मामला थाने भी गया था। बाद में दोनों ने सुलह कर ली थी।
आरोपी आलोक रायगंज स्थित अपने ननिहाल में रहता था। वह मूलरूप से संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद के रैना गांव का रहने वाला है। वह अपने मामा महेंद्र पासवान के घर में रहता था।