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Chandra Grahan 2020: साल का तीसरा चंद्र ग्रहण शुरू, जानिए कहां दिखाई देगा यह ग्रहण, कैसा होगा इसका प्रभाव

Sun, 05 Jul 2020 09:11 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 05 Jul 2020 09:11 AM IST
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Chandra Grahan july 2020 updates today lunar eclipse timing and effect Astronomical event today
Astronomical event - फोटो : Social media

इस साल का तीसरा चंद्र ग्रहण शुरू हो गया है। एक महीने में ही लगने वाला यह तीसरा ग्रहण है। यह वास्तविक चंद्र ग्रहण न होकर एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण है। उपच्छाया चंद्र ग्रहण को धार्मिक लिहाज से बहुत अधिक मान्यता नहीं दी जाती है।

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Astronomical event - फोटो : social media

उपच्छाया चंद्र ग्रहण आज सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर शुरू हुआ जो 11 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ये चंद्रग्रहण अमेरिका, दक्षिण-पश्चिम यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्से में दिखाई देगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। ग्रहण काल में चंद्रमा कहीं से कटा हुआ होने की बजाए अपने पूरे आकार में नजर आएगा।

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Lunar Eclipse - फोटो : ANI

क्या होता है उपछाया ग्रहण
खगोलविद ने बताया की आज लगने वाला ग्रहण उपच्छाया चंद्रग्रहण है। चंद्रग्रहण के शुरू होने से पहले चंद्रमा धरती की उपच्छाया में प्रवेश करता है। जब चंद्रमा पृथ्वी की वास्तविक छाया में प्रवेश किए बिना ही बाहर निकल आता है तो उसे उपच्छाया ग्रहण कहते हैं। चंद्रमा जब धरती की वास्तविक छाया में प्रवेश करता है, तभी उसे पूर्ण रूप से चंद्रग्रहण माना जाता है। उपच्छाया ग्रहण को वास्तविक चंद्रग्रहण नहीं माना जाता है।

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Astronomical event - फोटो : अमर उजाला

एक साल में अधिकतम तीन बार धरती की उपच्छाया से गुजरता है चंद्रमा
जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो सूर्य की पूरी रोशनी चंद्रमा पर नहीं पड़ती है। इसे चंद्रग्रहण कहते हैं। जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सरल रेखा में होते हैं तो चंद्रग्रहण की स्थिति होती है। चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा की रात में ही होता है। एक साल में अधिकतम तीन बार पृथ्वी के उपच्छाया से चंद्रमा गुजरता है, तभी चंद्रग्रहण लगता है।

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Astronomical event

बोले ज्योतिषी, सतर्कता जरूरी
पंडित देवेंद्र प्रताप मिश्र के मुताबिक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन ग्रहण कैसे भी हों ये मानव जाति के लिए अच्छे नहीं होते हैं। ऐसे में लोगों को ग्रहण में सतर्कता बरतनी चाहिए। पंडित विजय शंकर पांडेय के अनुसार पांच जुलाई को लगने वाला उपच्छाया चंद्र ग्रहण प्रभावकारी नहीं है। लेकिन ग्रहण के अशुभ प्रभावों को नष्ट करने के लिए ग्रहण के बाद स्नान करें। इसके बाद चावल और सफेद तिल का दान करें और अपने से बड़ों का आशीर्वाद अवश्य लें। ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि चंद्रमा मन मस्तिष्क को प्रभावित करता है और संबंधित व्यक्ति की जन्म कुंडली में जिस भाव का मालिक होगा उसे भी प्रभावित करता है।

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