साल का अंतिम चंद्र ग्रहण मंगलवार को लगेगा। यह ग्रहण संपूर्ण भारत में ग्रस्तोदय रुप में दिखाई देगा। यानी भारत की किसी भी शहर में इस दिन जब सायंकाल चंद्रोदय होगा, इससे काफी पहले ही चंद्र ग्रहण प्रारंभ हो चुका होगा।
Chandra Grahan 2022: आज लगेगा साल का अंतिम चंद्र ग्रहण, गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान
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वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमरपाल सिंह ने बताया कि जब पृथ्वी सूर्य व चंद्रमा के बीच आ जाती है और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरता है तो इसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है। पुरोहितों और ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ग्रहण एक खगोलीय घटना है, लेकिन इसका वैज्ञानिक के साथ ही धार्मिक महत्व भी माना जाता है। इसलिए ग्रहण के दौरान कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना आवश्यक होता है।
ग्रहण में बरतें ये सावधानी
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, ग्रहण शब्द ही नकारात्मक है। ग्रहण का प्रभाव मानव जीवन पर अवश्य पड़ता है। ऐसे में ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य करने से बचें। भोजन न बनाएं। धारदार वस्तुओं का प्रयोग न करें। भगवान की प्रतिमाओं को हाथ न लगाएं। ग्रहण काल में सोना वर्जित माना जाता है। बालों में कंघी न करें। ग्रहण के समय दातुन न करें।
ग्रहण और इसके बाद करें ये काम
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, ग्रहण के समय बिना भगवान को छुए मन में अपने ईष्ट देव की आराधना करें। ग्रहण लगने से पहले खाने पीने की वस्तुओं में तुलसी के पत्ते डालकर रख दें। ग्रहण की समाप्ति के बाद घर की सफाई कर खुद भी स्नान कर स्वच्छ हो जाएं। स्नान के बाद आटा, चावल आदि खाद्य सामग्री जरूरतमंदों को दान करें।
ग्रहण में गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान
पंडित शरद चंद्र मिश्रा के अनुसार, ग्रहण लगने से लेकर समाप्ति तक गर्भवती महिलाओं को किसी भी प्रकार से काटना, सिलना या पिरोना जैसे कार्य जिसमें सुई या धारदार चीजों का प्रयोग हो नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि इससे गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंच सकता है। बताया कि धार्मिक मान्यताएं कहती हैं कि ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को सोना नहीं चाहिए। इस समय मानसिक रूप से ईश्वर का स्मरण करना चाहिए। ग्रहण काल के दौरान जीभ पर तुलसी का पत्ता रखकर दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए। ग्रहण काल समाप्त होने के बाद गर्भवती स्त्रियों को स्नान अवश्य कर लेना चाहिए, अन्यथा गर्भस्थ शिशु को त्वचा संबंधी रोग हो सकते हैं।