इटावा लायन सफारी से दो बब्बर शेर (एक नर व एक मादा) रविवार को गोरखपुर चिड़ियाघर लाए गए हैं। निदेशक लायन सफारी राजीव मिश्र के मुताबिक शनिवार देर रात बब्बर शेर भेजे गए थे, जो रविवार सुबह गोरखपुर पहुंच गए हैं। शेरनी का नाम मरियम है। शेर को पटौदी नाम से बुलाते हैं।
गोरखपुर चिड़ियाघर में दहाड़ेंगे ‘पटौदी व मरियम’, यहां इटावा लायन सफारी से लाए गए बब्बर शेर
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट गोरखपुर चिड़ियाघर में बब्बर शेर आ गए हैं। इन दोनों को 26 सितंबर 2019 में गुजरात से इटावा लायन सफारी लाया गया था। अब इन्हें गोरखपुर भेजा गया है। इसी सिलसिले में शनिवार को इटावा लायन सफारी के निदेशक से मोबाइल फोन पर बात हुई। निदेशक के मुताबिक दोनों शेर स्वस्थ हैं। बब्बर शेर दहाड़ेंगे तो एक किलोमीटर तक गूंज सुनाई देगी। दूसरी तरफ गोरखपुर प्राणि उद्यान के उप प्रभागीय वन अधिकारी संजय कुमार मल्ल ने बताया कि दो बब्बर शेर आ गए हैं। इनके बाड़े पहले से ही बनकर तैयार थे। चिकित्सकों की देखरेख में शेरों को रखा जाएगा। शेरों की दिनचर्या में बदलाव नहीं किया जाएगा। पहले से तय मानक के हिसाब से ही भोजन दिया जाएगा।
निदेशक राजीव मिश्रा के मुताबिक एक बब्बर शेर प्रतिदिन 7 से 8 किलोग्राम मांस खाता है। शुक्रवार को भोजन नहीं दिया जाता है। दिनचर्या के हिसाब से छह दिन भोजन दिया जाता है।
खासियतों ने बनाया नायाब
260 करोड़ रुपये की लागत से बने गोरखपुर के चिड़ियाघर में कई खासियतें इसे नायाब बनाती हैं। इंडोर बटरफ्लाई पार्क में विविध प्रजाति की तितलियों की बहुरंगी छटा देखने को मिलेगी तो सरपेंटेरियम में दुर्लभ प्रजाति के सांप दिखेंगे। इस्राइल के जेब्रा भी आएंगे। परिसर में 40 सीटर 7डी थिएटर बनाया गया है। पीपीपी मॉडल पर टॉय ट्रेन चलाने की प्रक्रिया चल रही है। बुजुर्गों के लिए बैटरी चालित गोल्फ कार चलाई जाएगी। 30 एकड़ के विशाल वेटलैंड वाला यह पहला चिड़ियाघर है, जहां 60 से अधिक स्थानीय और प्रवासी पक्षियों का दीदार किया जा सकेगा।
पर्यटन के मानचित्र पर चमकेगा गोरखपुर
गोरखपुर अब देश के पर्यटन मानचित्र पर चमकने को तैयार है। इसमें चिड़ियाघर की बड़ी भूमिका होगी। कायाकल्प के बाद निखर उठे रामगढ़ ताल में सी-प्लेन संचालित करने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना है। अंतरराष्ट्रीय वॉटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स भी निर्मित किया जा रहा है। इन सब के कारण कुशीनगर महात्मा बुद्ध के परिनिर्वाण स्थल के लिए आने वाले पर्यटक गोरखपुर में बिना इन सब स्थानों को देखे नहीं जाएंगे। ऐसे में रोजगार, स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। होटल, रेस्टोरेंट, बाजार के कारोबार में भी इजाफा होगा।