गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सभी विभागों में मरीजों पर शोध होगा। लॉकडाउन खत्म होने के बाद फिर से ओपीडी शुरू होने के बाद मरीजों का रिकॉर्ड इकट्ठा किया जा रहा है। यह कवायद कोरोना वायरस की वजह से शुरू की गई है।
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हर विभाग करेगा मरीजों पर शोध, जानिए क्या है वजह
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शोध में विभागवार मरीजों को होने वाली बीमारियों का पता लगाया जाएगा। जिससे की यह पता चल सके कि कोविड ने पूर्वांचल में किस बीमारी के पीड़ित पर क्या असर डाला है? उनके शरीर के अंगों पर क्या प्रभाव पड़ा है? कौन से अंग ज्यादा खराब हुए हैं?
कोरोना वायरस के रूप और उसके बदलते प्रभाव को अब तक कोई पकड़ नहीं पाया है। इस पर पूरी दुनिया में शोध चल रहे हैं। लेकिन अब तक स्पष्ट नतीजे नहीं मिले हैं। ऐसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने यह फैसला लिया है कि पूर्वांचल में कोरोना का असर किस स्तर पर और कौन से मरीजों पर ज्यादा रहा है, कौन से मरीज ज्यादा प्रभावित हुए हैं, किन मरीजों पर वायरस ने अलग तरह के असर दिखाए हैं, पर शोध करेगा।
ऐसे मरीजों के बारे में जानने के लिए कॉलेज के 16 विभागों ने मरीजों के रिकॉर्ड इकट्ठा करना शुरू कर दिए हैं। ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों की पूरी केस हिस्ट्री नोट की जा रही है। उनसे कोरोना संक्रमण के बारे में भी पूछा जा रहा है। बताया जा रहा है कि करीब छह माह तक मरीजों को अलग-अलग वर्गों में बांटकर इस पर शोध किया जाएगा, जिससे की पूर्वांचल में कोरोना की यथास्थिति का पता चल सके।
ये विभाग कर रहे मरीजों का रिकॉर्ड इकट्ठा
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन, सर्जरी, आर्थो, गायनी, पिडियाट्रिक्स, ईएनटी, आई, डेंटल, स्किन, मानसिक रोग विभाग, टीबी चेस्ट, कैंसर विभाग, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग आने वाले मरीजों का रिकॉर्ड इकट्ठा कर रहा है। मरीजों के नाम पते के साथ-साथ उनके घर में रहने वाले लोगों की संख्या, संक्रमण की स्थिति सभी जानकारियां नोट की जा रहीं हैं।