{"_id":"60e8f1060af92e044f4690db","slug":"10-delta-variant-patient-died-in-gorakhpur-brd-medical-college-during-second-wave-of-corona","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपी: डेल्टा वैरिएंट के 14 में से 10 मरीजों की हो चुकी है मौत, सभी का बीआरडी मेडिकल में चल रहा था इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: डेल्टा वैरिएंट के 14 में से 10 मरीजों की हो चुकी है मौत, सभी का बीआरडी मेडिकल में चल रहा था इलाज
Sat, 10 Jul 2021 08:08 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 10 Jul 2021 08:08 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना की दूसरी लहर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती जिन 14 मरीजों में डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई है, उनमें से 10 की मौत हो चुकी है। सिर्फ चार मरीज ही स्वस्थ होकर घर गए। मरने वालों में छह मरीज गोरखपुर के ही रहने वाले थे। जबकि चार अन्य जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने इसकी सूचना संबंधित जिले के सीएमओ को दी है।
कोरोना का नया वैरिएंट।
- फोटो : iStock
डेल्टा वैरिएंट भी रहा खतरनाक
अब तक जहां डेल्टा प्लस वैरिएंट को खतरनाक माना जा रहा था। वहीं मौत के आंकड़े देखने के बाद जिले में डेल्टा वैरिएंट को भी खतरनाक माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि डेल्टा के 10 मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि डेल्टा प्लस के दो मरीजों में एक मरीज की मौत हुई है। एक मरीज स्वस्थ होकर घर पर है। वहीं, कप्पा वैरिएंट के भी एक मरीज की मौत हो चुकी है।
अब तक जहां डेल्टा प्लस वैरिएंट को खतरनाक माना जा रहा था। वहीं मौत के आंकड़े देखने के बाद जिले में डेल्टा वैरिएंट को भी खतरनाक माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि डेल्टा के 10 मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि डेल्टा प्लस के दो मरीजों में एक मरीज की मौत हुई है। एक मरीज स्वस्थ होकर घर पर है। वहीं, कप्पा वैरिएंट के भी एक मरीज की मौत हो चुकी है।
कोरोना टीकाकरण
- फोटो : पीटीआई
वैक्सीनेशन ने बचाई जान
डेल्टा प्लस वैरिएंट की दूसरी मरीज एमबीबीएस की छात्रा है। वह मई माह में संक्रमित हुई थी, लेकिन उससे पहले उसने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली थी। इसकी वजह से वह गंभीर रूप से बीमार नहीं हुई। होम आइसोलेशन में रहकर वह ठीक हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वैक्सीन डेल्टा प्लस पर कितनी असरदार है। इस पर शोध चल रहा है। लेकिन एमबीबीएस की छात्रा के स्वस्थ होने के बाद इसकी उपयोगिता सिद्ध हुई है। ऐसे में लोग टीका जरूर लगवाएं।
डेल्टा प्लस वैरिएंट की दूसरी मरीज एमबीबीएस की छात्रा है। वह मई माह में संक्रमित हुई थी, लेकिन उससे पहले उसने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली थी। इसकी वजह से वह गंभीर रूप से बीमार नहीं हुई। होम आइसोलेशन में रहकर वह ठीक हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वैक्सीन डेल्टा प्लस पर कितनी असरदार है। इस पर शोध चल रहा है। लेकिन एमबीबीएस की छात्रा के स्वस्थ होने के बाद इसकी उपयोगिता सिद्ध हुई है। ऐसे में लोग टीका जरूर लगवाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
संक्रमितों में 16 युवा थे शामिल
जिन 30 मरीजों की जीनोम सीक्वेसिंग की रिपोर्ट आई है। उनमें 16 मरीज ऐसे थे, जिनकी उम्र 18 से लेकर 42 साल के बीच है। इनमें पांच मरीजों की मौत हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी लहर में सबसे अधिक संक्रमित युवा ही हुए। इनकी मौत भी हुई है।
जिन 30 मरीजों की जीनोम सीक्वेसिंग की रिपोर्ट आई है। उनमें 16 मरीज ऐसे थे, जिनकी उम्र 18 से लेकर 42 साल के बीच है। इनमें पांच मरीजों की मौत हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी लहर में सबसे अधिक संक्रमित युवा ही हुए। इनकी मौत भी हुई है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : istock
सामान्य संक्रमितों की तरह ही होगा नए वैरिएंट के संक्रमितों का इलाज
कोरोना के नए वैरिएंट के मरीजों का इलाज सामान्य कोविड मरीजों की तरह ही किया जाएगा। इन मरीजों को कोविड संक्रमितों के इलाज में जो दवाएं दी जा रहीं थीं, वही दी जाएंगी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि जब तक शासन से निर्देश नहीं आता तब तक पुराने इंतजाम ही रहेंगे। कोविड प्रोटोकॉल नए वैरिएंट के इलाज में भी सक्षम है। इस वैरिएंट से प्रभावित एक मरीज तो होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गई है। बताया कि कोविड के प्रोटोकाल व इलाज के मानकों का सही से पालन हो तो इन वैरिएंट का इलाज संभव है। जब तक कोई नया निर्देश नहीं आएगा। तब तक इलाज के प्रोटोकाल में कोई बदलाव नहीं होगा।
कोरोना के नए वैरिएंट के मरीजों का इलाज सामान्य कोविड मरीजों की तरह ही किया जाएगा। इन मरीजों को कोविड संक्रमितों के इलाज में जो दवाएं दी जा रहीं थीं, वही दी जाएंगी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि जब तक शासन से निर्देश नहीं आता तब तक पुराने इंतजाम ही रहेंगे। कोविड प्रोटोकॉल नए वैरिएंट के इलाज में भी सक्षम है। इस वैरिएंट से प्रभावित एक मरीज तो होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गई है। बताया कि कोविड के प्रोटोकाल व इलाज के मानकों का सही से पालन हो तो इन वैरिएंट का इलाज संभव है। जब तक कोई नया निर्देश नहीं आएगा। तब तक इलाज के प्रोटोकाल में कोई बदलाव नहीं होगा।